खनिज संसाधनों की पारदर्शी उपलब्धता और संरक्षण प्राथमिकता




ओवरलोडिंग और अवैध खनन पर ‘स्रोत बिंदु’ से ही हो कठोर नियंत्रण

ड्रोन तकनीक से निगरानी, खनिज राजस्व वसूली में अपेक्षित प्रगति के निर्देश


लखनऊ ( स्वतंत्र प्रयाग)  

सचिव/निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, श्रीमती माला श्रीवास्तव की अध्यक्षता में शुक्रवार को  खनन निदेशालय मे खनिज बाहुल्य जनपदों के खनन अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक का उद्देश्य जनसामान्य एवं विकास कार्यों हेतु उपखनिजों की सुगम, सरल और निर्बाध आपूर्ति के साथ-साथ अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना था।


खनिजों की उपलब्धता बनी रहे-जनहित सर्वोपरि


सचिव  ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी भण्डारण स्थलों एवं पट्टों से उपखनिजों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि उपभोक्ताओं को उचित दरों पर उपखनिज सरलता से प्राप्त हो, जिससे विकास कार्यों में कोई बाधा उत्पन्न न हो।

*ओवरलोडिंग पर सख्त रुख—'स्रोत बिंदु' से ही नियंत्रण जरूरी*


श्रीमती  माला श्रीवास्तव ने ओवरलोडिंग को खनिज नीति के विरुद्ध बताते हुए निर्देशित किया कि इसका नियंत्रण 'सोर्स पॉइंट' (उत्पत्ति स्थल) से ही किया जाए।ओवरलोडिंग में संलिप्त वाहन व परिवहनकर्ताओं के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की गई कि वे लगातार निरीक्षण करते रहें और मौके पर सख्त कार्रवाई करें।


*ड्रोन तकनीक से निगरानी व पारदर्शिता*


खनन गतिविधियों की निगरानी हेतु ड्रोन तकनीक के उपयोग पर विशेष बल देते हुए उन्होने निर्देशित किया कि ड्रोन के माध्यम से संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी की जाए।किसी भी प्रकार के अवैध खनन को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जाए।इस तकनीकी हस्तक्षेप से पारदर्शिता और नियंत्रण क्षमता में वृद्धि होगी।


*खनिज परिवहनकर्ताओं का पंजीकरण एवं सुविधा*


बैठक में अवगत कराया गया कि खनिज परिवहनकर्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु उन्हें सूचीबद्ध एवं पंजीकृत किया जा रहा है। इससे न केवल व्यवस्थित खनिज परिवहन सुनिश्चित होगा, बल्कि अनधिकृत गतिविधियों पर भी नियंत्रण लगेगा।


*राजस्व लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति हेतु सख्त निर्देश*


सचिव श्रीमती माला श्रीवास्तव ने माह जुलाई 2025 हेतु निर्धारित राजस्व लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी जनपदीय अधिकारी शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति हेतु नियोजित रणनीति अपनाएं।लापरवाही अथवा लक्ष्य से पीछे रहने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

बैठक में श्रीमती माला श्रीवास्तव ने  स्पष्ट कहा कि शासन की "जीरो टॉलरेंस" नीति के अंतर्गत

अवैध खनन, अवैध परिवहन एवं अवैध भण्डारण किसी भी दशा में स्वीकार्य नहीं होगा।

इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों / संस्थाओं के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


 समीक्षा बैठक में श्री अरुण कुमार, विशेष सचिव, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग,

 सहित, अपर निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग श्री नवीन कुमार दास, मुख्यालय के प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे और खनिज बाहुल्य जनपदों के प्रभारी अधिकारी (खनन)

खान अधिकारी,समस्त क्षेत्रीय अधिकारी वर्चुवल रूप से जुड़े रहे और अपने-अपने जनपद की स्थिति से सचिव को अवगत कराया।

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