गुरु के उपकारों की स्मृति दिलाता है गुरुपूर्णिमा पर्व: डॉ बी.के.जैन



सीमित संख्या के बीच रघुबीर मंदिर में किया गुरु पादुका गुरुपूजन

 चित्रकूट ब्यूरो:(स्वतंत्र प्रयाग): परमहंस संत श्री रणछोड़दास जी महाराज के जानकीकुंड स्थित आश्रम श्री रघुबीर मंदिर बड़ी गुफा में श्रद्धा और भक्ति से  गुरुपूर्णिमा का पावन पर्व मनाया गया। इस वर्ष कोरोना नियमों के पालन के साथ अति सीमित संख्या में पर्व का आयोजन हुआ। प्रातः से ही मंदिर को सुन्दर पुष्प-मालिकाओं से सजाया गया एवं ट्रस्टी डॉ.बी.के.जैन एवं श्रीमती उषा बी.जैन द्वारा धूप-दीप नैवेध सहित आरती एवं पादुका पूजन, वैदिक मंत्रोच्चार सहित किया गया। 

इस अवसर पर ट्रस्टी डॉ.बी.के.जैन ने कहा कि, यह पावन दिवस हम सभी को गुरु द्वारा हमारे पर किया गए उपकारों की स्मृति दिलाता है। आज का यह पावन दिवस हर शिष्य के लिए आनन्द, उमंग और हर्ष का दिन होता है। इस दिन हर शिष्य के मन में अभिलाषा होती है कि अपने गुरु का श्रद्धा भाव से पूजन करें, इसलिए यह एक विशेष पर्व है। 

  श्रीमती उषा जैन ने कहा कि, गुरु का महत्त्व इसी बात से समझा जा सकता है कि, उन्हें ब्रह्मा,विष्णु और महेश की संज्ञा दी गयी है। हमारे परम उपकारी सदगुरुदेव श्री रणछोड़दास जी महाराज की आध्यात्मिक चेतना आज भी साक्षात यहाँ विराजमान है। सभी काम वो ही कर रहे हैं। पूज्य गुरुदेव का ध्येयवाक्य था “भगवान् पर भरोसा रखो, भगवान् पूर्ण करेंगे- तुम सब निमित्त हो” यह महामंत्र हमें हर कठिनाई के समय में साहस और नवीन उर्जा प्रदान करता है। 

गुरुपूर्णिमा के आयोजन को यु-टयूब के माध्यम से प्रसारित किया गया, जिसमें देश-विदेश में रहने वाले लाखों गुरु भाई-बहनों ने घर बैठे दर्शन लाभ प्राप्त किया ।

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