टोल पर काम कर रहे युवक को टोल मैनेजर ने किया गाली गलौज , तानी लाइसेंसी रिवाल्वर

 


पुलिस अधीक्षक जमुनापार के आदेश के बाद भी नही दर्ज हो पा रही है प्राथमिकी 

भुक्तभोगी के ऊपर चौकी इंचार्ज समझौता के लिए बना रहे है दबाव 

गन्ने,बारा/प्रयागराज (स्वतंत्र प्रयाग) टोल प्लाजा हर्रो पर काम करने वाले दलित युवक को टोल के मैनेजर ने वेतन मांगने पर गाली गलौज किया जाति सूचक अपशब्दों का प्रयोग किया जिसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक जमुनापार से भुक्त भोगी ने किया किन्तु बारा पुलिस पीड़ित की आज तक प्राथमिकी दर्ज नही किया जिससे टोल कर्मियो के हौसले और बुलंद होते जा रहे है।

बताते चले कि बारा थाना क्षेत्र के हर्रो टोल प्लाजा में भुक्तभोगी मुनेश कुमार पुत्र मानिकचन्द निवासी ग्राम हर्रो जाति हरिजन चमार टोल प्लाजा हर्रो में काम करता था जिसे ट्रको से ओवरलोड पैसा लेने का काम कराया जाता ठव्ह काम भी किया किन्तु इसी बीच ओवरलोड के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत पर आला अधिकारियो ने संज्ञान ले कर टोल पर अवैध वसूली में लिप्त 8 लोगो को यस ओ जी की टीम ने रेंज हाँथ गिरफ्तार करके जेल भेज दिया तो मुनेश ने कहा कि हम अवैध वसूली नही करेंगे तो उसको काम देने से मना कर दिया गया वह अपने घर बैठ गया था जब उसे पैसे की आवश्यक्ता हुई तो वह टोल पर अपना पेमेंट लेने जा रहा 5है कि टोल के पहले बृजेश पांडेय तथा टोल के अन्य कर्मचारी पांडेय अपनी गाड़ी से खड़े थे कि मुनेश गया उनसे बात किया कि साहब मेरा पैसा दे दो तो उन्होंने कहा काम करो तो उसने कहा साहब हम काम नही करेंगे आप लोग अवैध वसूली करवाते है तो भुक्तभोगी को गाली गकॉज करने लगे जाती सूचक अपशब्दों का प्रयोग भी किये बृजेश पांडेय अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर भी तान कर कहा कि पैसा नही देंगे आप तुम्हे गोली देंगे भुक्त भोगी डर सहम बारा थेन गया तो उसकी नही सुनी गई तो भुक्त भोगी पुलिस अधीक्षक जमुनापार से अपना दुखड़ा रोया तब पुलिस अधीक्षक ने प्रार्थना पत्र ले कर थाना बारा को कार्रवाई करने के लिए आदेशित कर दिए। शिकायती प्रार्थना पत्र की कापी चौकी इंचार्ज गन्ने के पास जांच के लिए आई तो भुक्त भोगी को चौकी इंचार्ज गन्ने ने बुलाया और दवाव दे कर कहने लगे कि समझौता कर लो नही तो परेशानी में फंश जाओगे तो भुक्त भोगी ने कहा साहब अब इससे ज्यादा क्या परेशानी होगी गली गलौज कर दिया अब जान से मारने के लिए कहा है मदद नही करेंगे तो देखा जाएगा।

भुक्त भोगी ने आरोप लगाया है कि चौकी इंचार्ज बृजेश पांडेय से मIले हुए है पहले भी कई घटनाओं में चौकी इंचार्ज टोल कर्मियो की मदद कर चुके है जब 8 लोग पकड़े गए थे तब भी चौकी इंचार्ज ने दो लोगो की मदद किये थे चौकी इंचार्ज पूरी तरह से टोल प्लाजा का पक्ष ले कर मेरे ऊपर समझौता करने के लिए कह रहे है।इसी तरह टोल पर कई घटनाएं हो चुकी है जो भी आदमी विरोध अवैध वसूली का करता है उसके नाम फर्जी मुकदमा लिख दिया जाता है । यह कोई पहली घटना नही है टोल पर जो भी विरोध अवैध वसूली का करता है टोल प्लाजा बाले स्थानीय पुलिस के सहयोग से फर्जी मुकदमा लिख लेते है इसी तरह एक युवक ने नाम न छापने पर बताया कि इसके पहले उमापुर टोल पर एक ब्यक्ति के नाम कूटरचित योजना बना कर प्राथमिकी दर्ज करवा दी गयी अगर कोई विरोध करता है तो उसके नाम मुकदमा कायम कर दिया जाता है।लोगो का यह भी आरोप है कि जो अवैध ओवरलोड के नाम पर वसूली की जाती है उसमें स्थानीय पुलिस का भी सहयोग रहता है अगर पुलिस साथ न दे तो अवैध वसूली नही हो सकती किन्तु उच्चाधिकारी इस तरफ जरा भी ध्यान नही देते है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने एक दिन छापा मरवाया अवैध वसूली में कई लोग रेंज हाँथ पकड़े गए एक सप्ताह तो अवैध वसूली बन्द रही फिर उसके बाद खुलेआम वसूली होने लगी अगर उच्च अधिकारी इस तरफ ध्यान दे दे तो अवैध वसूली बन्द हो सकती है। अब बात जो भी हो यह तो अधिकारी ही जाने किन्तुअवैध वसूली अब भी हो रही है अवैध वसूली न करने पर टोल पर काम करने वालो को खुलेआम धमकाया जा रहा है यहां तक कि जान से मारने केI धमकी भी दी जा रही है तो इससे बड़ा प्रमाण क्या हो सकता है किंतु स्थानीय पुलिस मामले की लीपापोती करके दूसरी तरफ मोड़कर अपना काम बनाने में लगी है अब बात जो भी हो यह तो टोल कर्मी और पुलिस जाने किन्तु भुक्त भोगी परेशान है उसकी प्राथमिकी दर्ज करने न्याय देने के बजाय उससे दवाव बना कर मुकदमा वापस करने की बात कही जा रही है। सबसे बड़ा सवाल तो यही खड़ा होता है कि पुलिस अधीक्षक जमुनापार के आदेश को भी दरकिनार किया जा रहा है तो भगवान ही मालिक है किंतु इसमें उच्च अधिकारियो को जरूर संज्ञान लेना चाहिए । इस संबंध में बारा इंस्पेक्टर टीकाराम वर्मा से बात की गई तो उनका कहना था कि मामला मेरे संज्ञान में नही है इसको हम दिखवाते है अब सवाल तो यही उठता है कि जब इंस्पेक्टर को जानकारी नही है चौकी इंचार्ज का ये हाल है तो भगवान मालिक है किंतु इससे साफ जाहिर होता है कि मामले को उलझाया जा रहा है भुक्तभोगी परेशान है। भुक्त भोगी ने उच्च अधिकारियो का ध्यान आकृष्ट करते हुए जान माल की गुहार लगाते हुए कार्रवाई केI मांग किया है।

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