दिलीप कुमार का फिल्म जगत से जाना एक सदी के अंत जैसा है: शशांक


घूरपुर,प्रयागराज: (स्वतंत्र प्रयाग): सुप्रसिद्ध टीवी सीरियलों में दर्जनों प्रमुख पात्र के रुप अभिनय करने वाले कलाकार शशांक शर्मा इन दिनों अपने आवास बादलगंज घूरपुर मे आए हुए हैं ।दिलीप कुमार के निधन से स्तब्ध व दुःखी है। 

कहते हैं कि दिलीप कुमार युवा कलाकारों के प्ररेणास्रोत थे। फिल्म जगत से असमय चलें जाने से हुई अपूर्णीय क्षति की भरपाई कभी नहीं की जा सकती है।

उनसे कई बार मुलाकात करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उनसे मुलाक़ात के हर पलो को भुलाया नहीं जा सकता है। वो हमेशा नए कलाकारो को तहजीब देते थे। और कुछ अच्छा करने का हिम्मत बढ़ाते थे

 हिंदी फिल्म जगत से उनका जाना एक सदी के अंत जैसा है। जिसको किसी के भी दिल से निकाला नहीं जा सकता। चाहे मुगले आजम मे राजकुमार जहांगीर की भूमिका हो या फिर यमुना गंगा जैसी फिल्म का निर्देशन बहुत ही संदेशात्मक रहा है। 

दिलीप जी को हिंदी फिल्म जगत के सर्वोच्च पुरस्कार दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से भी नवाजा गया है। उन्हें त्रासद एक्टिंग अर्थात दुखद एक्टिंग में महारथ हासिल था। 

जो अन्य किसी अभिनेता के पास नहीं था। उनके चले जानें की सूचना से फिल्म जगत शोकाकुल है। वो अपने किरदारों से अपने प्रशंसकों के दिलो मे हमेशा जीवंत रहेंगे। और एक अच्छे अभिनेता और कलाकार के रुप में देश याद करेगा।

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