श्रद्धाजलि सभा मे याद किए गये अभिनेता दिलीप कुमार

 


करछना, प्रयागराज:(स्वतंत्र प्रयाग):  हिन्दी सिनेमा जगत में दिलीप कुमार अपनी मनमोहक अदाकारी के साथ कई दशको से लोगों के दिलों पर छाये रहे। अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले अभिनेता से आज के दौर के युवा कलाकारों द्धारा किरदार संवारने के लिए सीख लेने की जरूरत है। 

लोक मंगल संस्थान रामपुर में गुरुवार को दिलीप कुमार के निधन पर आयोजित श्रद्धांजलिसभा में यह बातें हास्य कवि अशोक बेशरम ने कही। उन्होने कहा कि दिलीप कुमार ने कई फिल्मों में ग्रामीण परिवेश में व्याप्त हकीकत को संजीदगी के साथ पर्दे पर जिया और यह उनकी निजी जिंदगी में भी शुमार था। 

संस्थान के प्राचार्य लोकविद कविवर रामलोचन सांवरिया ने कहा कि बदलते परिवेश में अब ऐसे संजीदा कलाकारों का अभाव सा होता जा रहा है।वरिष्ठ गीतकार राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि पर्दे पर मुगले आजम और गोपी जैसी फिल्मों में उनका किरदार आज भी करोड़ो लोगों के दिलों में रचा बसा है।

अपने अभिनय से हिन्दी सिने जगत को ऊंचाई देने वाले महान कलाकार के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए लोगों ने उन्हे श्रद्धांजलि दी।इस मौके पर फतेबहादुर रिषिराज, श्यामलाल बेगाना, रामबाबू यादव, संतोष शुक्ल समर्थ, जितेन्द्र जलज, मोहिनी श्रीवास्तव, बृजेश तिवारी, मोनू मस्ताना, रत्नाकर तनहा,सबरेजअहमद आदि कवि,कलाकार मौजूद रहे।

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