गुरु बिना मानव जीवन मे अंधकार ही अंधकार: विद्याकान्त

घूरपुर,प्रयागराज:(स्वतंत्र प्रयाग): गुरु बिना मनुष्य का जीवन शून्य होता है। गुरु एक ऐसा शब्द होता है जो माता पिता के सामान जीवन को सुदृढ़ एवम सफल बनाने मे कोई भी कसर नहीं छोड़ते है साथ ही एक सामान्य व्यक्ति से आदर्श एवम शिक्षित व्यक्ति का काम सिर्फ और सिर्फ गुरु ही करते है। 

इसलिए सदैव गुरुजनो का सम्मान करना चाहिए उक्त बातें युवा समाजसेवीं विद्याकान्त कोल नें शनिवार को क्षेत्र के चकसंगतदास मे गुरु की महत्ता पर अपने विचार प्रस्तुत कर रहें थे। इस दौरान उन्होंने अनेकों रुचिकर तरीके से गुरुपूर्णिमा एवम गुरु शब्द की महत्ता का वर्णन भी किये इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि युवाओ को समाज एवम राष्ट्र की प्रगति हेतु शिक्षित होनें के साथ साथ सक्रिय राजनीति मे महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।

 तभी देश का कल्याण होगा एक प्रश्न के जवाब मे उन्होंने आगामी विधानसभा के चुनाव मे स्वयं को प्रत्याशी के रूप मे भी स्वीकार किये। इस अवसर पर युवा समाजसेवी विद्याकान्त के द्वारा गरीब बच्चों मे पेंन, पेन्सिल समेत पाठय सामग्री भी वितरित की गयी।अपना दल कमेरावादी के युवा नेता नें अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष डा पल्ल्वी पटेल जी को अपनें आदर्श के रूप मे स्वीकार किये।

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