CDO की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति/ जिला कन्वर्जन समिति की बैठक सम्पन्न

   


                 

चित्रकूट (स्वतंत्र प्रयाग) मुख्य विकास अधिकारी अमित आसेरी की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति/ जिला कन्वर्जन समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। मुख्य विकास अधिकारी नवीन व्यवस्था के अंतर्गत राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से संचालित स्वयं सहायता समूह से आंगनबाड़ी केंद्र को सीखा राशन दाल एवं खाद्य तेल उपलब्ध कराने एवं वितरण की प्रगति, आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण वाटिका, भजन दिवस अभियान एवं संभव अभियान तथा सैमवाद कार्यक्रम, पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों का संदर्भ एवं उपचार की स्थिति, कन्वर्जेंस एक्शन प्लान, स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराए गए कार्यों की प्रगति, आईसीडीएस द्वारा कराए गए कार्य, शिक्षा विभाग, ग्राम विकास विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति, पंचायती राज विभाग, दुलार कार्यक्रम आदि विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई।

उन्होंने डी सी एन आर एल एम को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों में जो सूखा खाद्यान्न का वितरण स्वयं सहायता समूह के माध्यम से किया जा रहा है उसकी लगातार समीक्षा करें तथा अपने अपने क्षेत्र में बाल विकास परियोजना अधिकारी भी सत्यापन करें। जिला कार्यक्रम अधिकारी से कहा कि जिला स्तरीय अधिकारियों की कमेटी बनाकर भी खाद्यान्न वितरण का सत्यापन कराया जाए। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ आर के गुप्ता से कहा कि पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों को भर्ती कराकर स्वास्थ्य लाभ दिलाया जाए। पोषण पुनर्वास केंद्र में जो कमियां है उसे तत्काल दुरुस्त करें। जिला कार्यक्रम अधिकारी से कहा कि आप जाकर देखें कि सभी व्यवस्थाएं सही है कि नहीं। कहा कि साफ सफाई का विशेष ध्यान दें तथा बच्चों के साथ उनके जो अभिभावक आते हैं उनके भी भोजन आदि की व्यवस्था कराई जाए। बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों की सभी पंजीकृत बच्चों का वजन सत प्रतिशत अवश्य कराया जाए। उसमें यह देखें कि सैम मैम, दिव्यांग व मानसिक बच्चे कितने पाए गए उसकी सूची उपलब्ध कराएं। जिला कार्यक्रम अधिकारी से कहा कि उन सभी बच्चों का फिर से डेल्टा चेक कराया जाए ताकि उन्हें कैसे स्वस्थ किया जाए, उस पर कार्य किया जा सके। उन्होंने प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि आप लोग अपने-अपने क्षेत्र में कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों को जो चिन्हित किए गए हैं, उनके स्वास्थ्य लाभ के लिए कार्य करें कि किस तरीके से उन्हें लाभ दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में आरबीएसके की टीम को भी लगाया जाए। जो दवा सैम मैम बच्चों को वितरण किया जाना है, आरबीएसके की टीम तथा एएन एम को लगाकर वितरण कराया जाए तथा अच्छी तरीके से दवा खाने के बारे में भी बताया जाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी से कहा कि प्रभारी चिकित्सा अधिकारी वार गांव की सूचना उपलब्ध कराएं। उन्होंने पिरामल संस्था तथा यूनिसेफ के लोगों को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों में न्यूट्रिशयन एवं बच्चों को कैसे लाभान्वित कराया जाए उस पर फोकस करके कार्य करें। ताकि जनपद में अच्छे परिणाम आए, क्योंकि यह जनपद नीति आयोग में चयनित है उस को ध्यान में रखते हुए कार्य किए जाएं।

                    बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद कुमार, जिला विकास अधिकारी आरके त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ आर के गुप्ता, जिला पंचायत राज अधिकारी तुलसीराम, जिला विद्यालय निरीक्षक बलिराज राम, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास मनोज कुमार सहित संबंधित अधिकारी तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी व प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, पिरामल

 संस्था व यूनिसेफ के लोग मौजूद रहे।

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