बैक से लोन दिलाने के नाम पर गरीब मजदूर से धोखाधड़ी, बिना लोन दिये किश्त वसूली की नोटिस

 

          

नैनी, प्रयागराज: (स्वतंत्र प्रयाग): बैंकों में लोन दिलाने के नाम पर कर्मचारियों और दलालों के जरिये गरीब मजदूरों को भी शिकार बनाया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला प्रयागराज जिले के घूरपुर थाना अंतर्गत यूनियन बैंक की शाखा में सामने आया है। जहां पर सक्रिय दलालों ने बैंक कर्मचारियों के साथ मिलकर नैनी चकदोंदी जेलरोड निवासी मदन मोहन कश्यप पुत्र स्वर्गीय गोविंद प्रसाद को लोन दिलाने का लालच देकर उससे कोरे कागज पर साइन करा लिया व उसके आधार कार्ड की प्रति रख ली। फिर उसके नाम से डेढ़ लाख रुपये का लोन सैंक्शन कर हड़प लिया। इसका खुलासा तब हुआ जब बैंक की तरफ से पहली किश्त वसूली की नोटिस गरीब मजदूर के घर पर भेजी गई। बैंक की मिली भगत से दलालों के इस फर्जीवाड़े से मजदूर और उसका परिवार परेशान और चिंता ग्रस्त है उसने इस फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए नैनी थाने में तहरीर दी है। इस मामले में एसएसपी/डीआईजी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी प्रार्थना पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित मजदूर ने अखबार के प्रतिनिधि से फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए बताया कि वह मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार के साथ गुजर बसर करता है। इस साल की शुरुआत में वह घूरपुर में मजदूरी कर रहा था। 31 जनवरी 2021 को जब वह काम से लौट रहा था, रास्ते में यूनियन बैंक की घूरपुर शाखा पर प्रदीप तिवारी नामक व्यक्ति उससे मिला। बातों में उसे विश्वास में लेकर उसकी मदद करने का भरोसा दिलाते हुए डेढ़ लाख रुपए का लोन यूनियन बैंक से दिलाने की बात कही उसकी बातों में आकर मदन मोहन कश्यप ने आरोपी प्रदीप तिवारी को अपना आधार कार्ड और पैन कार्ड की फोटोस्टेट कॉपी दे दी। इसके बाद आरोपी प्रदीप उसे बैंक के अंदर ले जाकर वहां कार्यरत कर्मचारियों से मिलाया फिर काउंटर पर मौजूद कर्मचारियों ने एक सादे कागज पर उसका हस्ताक्षर और अंगूठा लगवा लिया। जिसके बाद उसे जाने के लिए कह दिया। इस दौरान तीन महीने बीत गए। लेकिन मजदूर मदन मोहन कश्यप को लोन के नाम पर एक ढेला तक नहीं मिला। इस बीच 5 अप्रैल 2021 को बैंक की तरफ से लोन वसूली की पहली किस्त की नोटिस उसके पते पर भेजी गई जिसे पाकर मजदूर और उसका परिवार परेशान हो गया बैंक में जाकर पूछताछ की तो बैंक कर्मियों ने बताया कि उसके नाम से डेढ़ लाख रुपए का लोन 31 जनवरी 2021 को ही स्वीकृत कर दिया गया था लोन अदायगी की पहली किस्त की नोटिस 5 अप्रैल 2021 को भेजी जा चुकी है। यह सब जानकर मजदूर का पूरा परिवार आवाक रह गया। पीड़ित मजदूर ने न्याय पाने के लिए मुख्यमंत्री से लेकर थाना स्तर तक प्रार्थना पत्र दिया है। उसका कहना है कि उसके साथ हुई धोखाधड़ी से वह और उसका पूरा परिवार परेशान और चिंताग्रस्त है। अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह अपने परिवार समेत आत्मघाती कदम उठा सकता है। जिसकी सारी जिम्मेदारी यूनियन बैंक की घूरपुर शाखा के प्रबंधक व कर्मचारी तथा मुख्य आरोपी प्रदीप तिवारी पर होगी।

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