लोकतन्त्र के चौथे स्तंम्भ पर सभी की रहती है आशा एवं विश्वास भरी निगाहे

 

नैनी/प्रयागराज(स्वतंत्र प्रयाग) देश में जब भी किसी की समस्या होती है तो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सबकी निगाहें लगी रहती है। आशा और विश्वास के साथ कि उन्हें भी न्याय मिलेगा। उक्त बाते केपी ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष प्रत्याशी व भाजपा नेता रजनीकान्त श्रीवास्तव ने समाज के सजक प्रहरी पत्रकार शुलभ श्रीवास्तब की हत्या को लेकर जारी अपनी विज्ञप्ति के माध्यम से कहा। उनका मानना है कि न्याय से कोई भी वंचित नहीं रहेगा, अन्याय करने वाले किसी को पसंद नहीं है क्योंकि वह दिन प्रतिदिन कोई न कोई ऐसी घटना को अंजाम देते रहते हैं जिससे सरकार तक को जवाब देते नहीं बनता। समाज व नागरिकों को संख्या के रूप में रखने वाले ऐसे अधर्मी जिनको ना तो समाज का डर है ना भगवान का, जब समाज में कोई भी आफत आती है तो वह अपना अवसर ढूंढते हैं जीवन एक अनमोल है उसके साथ तरह तरह से अधर्मी लोग अपना सत्ता और शासन को चुनौती देते हैं देश मे बिकने वाला कोई भी ऐसी वस्तु नहीं है जिसमें मिलावट न की जा रही हो। मिलावट वही नहीं करता जो ईश्वर से डरता है और शासन और सत्ता का उसे भय बना रहता है। लोकतंत्र प्रहरी सुलभ श्रीवास्तव पत्रकार के साथ जो घटना घटी है उससे आज मेरा पूरा समाज स्तब्ध है पत्रकार के साथ यह घटना न्यायोचित नहीं है परिवार को मुआवजा के रूप में पचास लाख रुपये व सरकारी नौकरी दी जाए जिससे परिवार के भरण-पोषण के लिए किसी पत्रकार के साथ घटना की पुनरावृति न हो।शासन का डर अपराधियों में बने इसकी समुचित व्यवस्था की जाए, जो लोग घटना के पीछे हैं उसका पर्दाफाश किया जाए, सभी पत्रकारों को सरकार अपने तरफ से एक करोड़ की बीमा कराएं। पत्रकारों को सुरक्षा प्रदान की जाए, आकस्मिक निधन पर आक्रोश व्यक्त करने वालों में रजनीकांत, रजनीश सक्सैना अवनीश कुमार श्रीवास्तव पवन श्रीवास्तव राकेश श्रीवास्तव संजय श्रीवास्तव अजय श्रीवास्तव, पुष्पेंद्र श्रीवास्तव, शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव, अनुराग कुमार अशोक श्रीवास्तव, विपुल कुमार अनूप श्रीवास्तव, रिद्धि श्रीवास्तव गिरीश श्रीवास्तव सुनील श्रीवास्तव, मोहित श्रीवास्तव प्रमोद यादव नीलम श्रीवास्तव, सुशील पांडे, पूजा श्रीवास्तव, संतोष सिंह सत्यम श्रीवास्तव रमेश श्रीवास्तव, राजेश पांडे, ज्ञानेंद्र द्विवेदी, देव श्रीवास्तव, आदि ने प्रार्थना की कि ईश्वर परिवार की मदद करें, दुख की घड़ी में सरकार से अपेक्षा की गई कि पत्रकार के परिवार के साथ न्याय होगा, अपनी श्रद्धांजलि देते हुए दिवंगत आत्मा के प्रति 2 मिनट का मौन रखा गया।

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