भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का पटना एम्स में परीक्षण शुरू, तीन बच्चों को दी गयी पहली डोज


पटना (स्वतंत्र प्रयाग) : देश में बच्चों पर कोरोना कोवैक्सीन का ट्रायल शुरू हो गया है। बुधवार को पटना एम्स में तीन बच्चों को भारत बायोटेक की कोवैक्सीन दी गई। यहां 2 से 18 साल के तीन बच्चों को कोरोना की वैक्सीन लगाई गई। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) की तरफ से बच्चों में कोवैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल के लिए 11 मई को इजाजत दी गई थी। बच्चों पर वैक्सीन के ट्रायल के लिए किसी पर भी दबाव नहीं बनाया, लोग अपनी स्वेच्छा से बच्चों को लेकर आ रहे हैं। फिलहाल तीनों बच्चे स्वस्थ हैं। एम्स को कुल 80 बच्चों पर ट्रायल का लक्ष्य दिया गया है।

तीन बच्चों पर कोवैक्सीन का ट्रायल शुरू 

पटना एम्स के कोविड प्रभारी डॉक्टर संजीव कुमार ने बुधवार को कहा कि 12 से 18 वर्ष के उम्र के बच्चों पर यह परीक्षण 1 जून यानी मंगलवार से शुरू हो गया। कोवैक्सीन के बच्चों पर ट्रायल के पहले दिन तीन बच्चों को वैक्सीन की पहली डोज दी गई। ये तीनों 12 से 18 साल की आयु के हैं और पटना के ही निवासी हैं। तीनों स्वस्थ हैं। किसी पर कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा गया है। अस्पताल ने तीन बच्चों के माता-पिता को एक डायरी दी है और उनसे उनके स्वास्थ्य की निगरानी करने को कहा है। अगर इस दौरान बच्चों को कोई भी दिक्कत होती है तो उन्हें फौरन पटना एम्स से संपर्क करने को कहा गया है।एम्स में कोवैक्सीन टीके का बच्चों पर क्लिनिकल ट्रायल चल रहा है। 28 मई से रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ है। स्वेच्छा से 108 बच्चों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसमें से 15 बच्चों का क्लिनिकल परीक्षण किया गया तो तीन को ही ट्रायल के लायक पाया गया। दूसरे चरण में बच्चों पर वैक्सीन का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं दिखने पर तीसरे चरण के तहत टीके की खुराक दी जाएगी और उसके प्रभावी पाए जाने पर वैक्‍सीन को अप्रूवल के लिए भेजा जाएगा।

इन तीनों बच्चों को 28 दिन के अंतराल के बाद कोवैक्सीन की दूसरी डोज दी जाएगी। एक बार उनका टीकाकरण पूरा हो जाने पर टीके के किसी भी दुष्परिणाम के लिए बच्चों की पूरी तरह से जांच की जाएगी। पटना एम्स ने बच्चों को उनकी उम्र के आधार पर ट्रायल के लिए तीन समूहों में बांटा है। ये तीन आयु वर्ग 2-5 साल, 6-12 साल और 12-18 साल हैं।बता दें कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने 11 मई को भारत बायोटेक निर्मित कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन को 2 से 18 साल तक के बच्चों पर क्लिनिकल ट्रायल की मंजूरी दी थी। कोवैक्सीन 2 से 18 साल तक के 525 बच्चों पर ट्रायल करेगी।

माना जा रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर बच्चों को अपनी चपेट में ले सकती है। अमेरिका, कनाडा समेत कई देशों ने 16 साल से अधिक उम्र के लिए वैक्सीन को हरी झंडी दिखा दी है, लेकिन अभी ज्यादा छोटे बच्चों के लिए वैक्‍सीन पर दुनिया भर में ट्रायल ही चल रहे हैं।

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