बारिश से उफनाई कल्याणपुर की नदी,आवागमन बाधित

 

शंकरगढ़,प्रयागराज: (स्वतंत्र प्रयाग) : पिछले कुछ दिनों से हो रही बरसात से नदी-नाले और तालाब भर गए हैं। खेतों का पानी मेड़ के ऊपर से बह रहा है। गली-मोहल्ले में भी जलमग्न हैं। नालियों के चोक होने की समस्या का दंश स्थानीय लोग झेल रहे हैं।बरसाती पानी की वजह से नारीबारी और शंकरगढ़ के बीच बहने वाली पहाड़ी नदी भी उफना गई है और इसका पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है। इस बरसाती नदी के ऊपर शंकरगढ़-नारीबारी रोड पर कल्याणपुर में एक पुल बनाया गया है। मौजूदा समय में यह पुल पानी में पूरी तरह से डूब गया है और नदी का पानी पुल के तीन फिट ऊपर से बह रहा है। इस वजह से दर्जनों गांवों का आवागमन/संपर्क ठप पड़ गया है।पानी का तेज बहाव होने के कारण लोगों को दूसरे मार्ग से आगे का सफर करना पड़ रहा है। बताया जाता है कि तेज बहाव के बीच बाइक, साइकिल इत्यादि पार करने के लिए स्थानीय कुछ लोग वसूली भी करने लगे हैं।शंकरगढ़-नारीबारी मार्ग की लंबाई तकरीबन 18 किमी है। कल्याणपुर में बने पुल के डूबने से शंकरगढ़,कल्याणपुर, टंडनवन, नारीबारी और समीपवर्ती गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 



भीषण गंदगी से बदहाल हुई शंकरगढ़ की सूरत


वहीं नगर पंचायत शंकरगढ़ में बरसात के बाद नाले, नालियों की गंदगी सड़क पर आ गई है। नालियों के चोक होने से गंदा, बदबूदार पानी लोगों के घरों और दुकानों के सामने लगा हुआ है। कस्बे के कई मोहल्लों में लोगों को घर से निकलकर बाजार तक जाने में खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के बाद सडक़ों पर फैले गंदे पानी से उठ रही सड़ांध से स्थानीय लोगों का जीना दुश्वार होगया है। जबकि नगर पंचायत प्रशासन ने बरसात पूर्व ही नालियों और नालों को साफ करवाने का दावा किया था। कोरोना काल में भी कस्बे के बड़े पैमाने पर सफाई कागजों पर करवाई गई थी, लेकिन पहली बरसात में ही सफाई के सारे दावों की पोल खुल गई।

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