योग एबं प्राकृतिक चिकित्सा प्रकोष्ट का साप्ताहिक वेबिनार का शुभारम्भ

 

नैनी/प्रयागराज(स्वतंत्र प्रयाग) विश्व संवाद परिषद (योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा प्रकोष्ठ) द्वारा आयोजित 14 जून से 21 जून तक चलने वाला साप्ताहिक वेबीनार के पहले दिन आदियोगी भगवान शिव के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ प्रारंभ हुआ। दिल्ली प्रदेश की महासचिव श्रीमती डॉ वंदना त्यागी ने पूरी ऊर्जा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए आज के मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉ शंकर कुमार सान्याल का परिचय कराया। अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि महोदय ने सभी लोगों को अपना आशीर्वाद देते हुए कहा आज के युग में योग हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग है हमें इसको अपने जीवन में अपनाना चाहिए तभी हमारा परिवार समाज और देश स्वस्थ होगा। संस्था के संस्थापक एवं अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ श्याम पचौरी ने अपने उद्बोधन में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को जन जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया और सभी का आभार व्यक्त किया। बताया कि योग हमारी पौराणिक विधा है और यह प्राचीन काल से चला आ रहा है अतः हमें ऋषि मुनियों की इस विधा कोौ अपनाना चाहिए। विश्व संवाद परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष  योगाचार्य डॉ रमेश चंद्रा ने महर्षि पतंजलि के नमन के साथ सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए सभी लोगों से इस वेबीनार सीरीज से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि यदि हम इन 9 बातों  (विधि ,समय, संकल्प, एकाग्रता ,निरंतरता, सकारात्मकता ,श्रद्धा ,विश्वास और समर्पण) का ध्यान करते हुए नित्य योग करें तो  हम अपने जीवन को स्वस्थ एवं सफल बना सकते हैं। आगे उन्होंने कहाकि योग के चार स्तंभ है जिनमें आहार निद्रा संयम और शारीरिक श्रम है। जैसे मकान की बुनियाद पर ही पूरे मकान का ढांचा खड़ा रहता है उसी तरह से यदि हम इन चारों स्तंभों को मजबूत कर ले तो हम अपने जीवन में आने वाले सभी रोगों से बच सकते हैं। इसकी विस्तृत चर्चा करने के लिए उन्होंने प्रोफेसर डॉक्टर सिया प्रताप सिंह को आमंत्रित किया डॉ सिया प्रताप सिंह ने इन सभी बातों की विस्तृत चर्चा की और पांच तत्वों का व्याख्यान करते हुए उन्होंने आकाश तत्व के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि आज इस भागती दौड़ती जिंदगी में हमारा खान-पान हमारा रहन-सहन और हमारी दिनचर्या अनुचित हो गई है। अगर हम अपनी इन सारी चीजों को सही कर ले तो हमें कभी किसी प्रकार का कोई रोग हो ही नहीं सकता और हम स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन जी सकते हैं। अपने आशीर्वाद के साथ उन्होंने अपने सभी लोगों को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उत्तर प्रदेश की अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ अर्चना दुबे ने योग के प्रति प्रेरित करने के लिए एक सुंदर गीत सुनाया जिसको सुनकर सभी लोग आत्म विभोर हुए। अंत में विश्व संवाद परिषद के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर डॉ नवीन सिंह ने सभी अतिथियों का आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया सभी लोगों को आगे होने वाले वेबीनार में आमंत्रित किया और जुड़ने के लिए आह्वान किया। दिल्ली की महासचिव बहन डॉ वंदना त्यागी ने इस कार्यक्रम का बहुत ही सुंदर ढंग से संचालन किया। इस वेबीनार में भारत से तमाम लोग जुड़े थे।

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