खाते में पैसे न देख वृद्ध के उड़ गए होश, डिस्ट्रिक कोऑपरेटिव बैंक शाखा कोरांव का मामला

 

कोरांव,प्रयागराज(स्वतंत्र प्रयाग)डिस्ट्रिक ऑपरेटिव बैंक शाखा कोरांव के एक वृद्ध खाताधारक के उस समय होश उड़ गए जब वह अपने खाते में रखे पैसे निकालने के लिए बैंक पहुंचा और बैंक कर्मियों के द्वारा यह बताया गया कि पैसा वर्ष 2020 में ही निकल गया है। ज्ञातव्य हो कि 92 वर्षीय वृद्ध श्रीधर निवासी बेरी 3 मार्च 2007 को डिस्ट्रिक को-ऑपरेटिव बैंक शाखा कोरांव में 17 हजार रुपये जमा किया था वह इस बीच बैंक से लेनदेन करना बंद कर दिया था अचानक वृद्ध की तबीयत बिगड़ी और अपने बेटे से बताया की मेरे पैसे भी बैंक में है चलो निकलवा लो और उपचार कराओ। जब श्रीधर अपने बेटे के साथ बुधवार को बैंक पहुंचा तो बैंक कर्मियों के द्वारा यह बताया गया कि पैसा पूर्व में ही निकाला जा चुका है। 

वृद्धि ने कहा कि पैसे जमा करने के बाद कभी बैंक नहीं आया और मेरा पैसा कैसे निकल गया। वृद्ध पिछले 10 महीने से बीमार चल रहा है वह गत 20 मार्च को भी बैंक में अपने पैसे निकालने बेटे के साथ आया था किंतु बैंक कर्मियों ने लॉक डाउन का बहाना बताकर एक महीने क्लोजिंग होने की बात कही थी उसके बाद पैसा निकालने को कहा था। वृद्ध को उपचार कराने के लिए पैसे की सख्त आवश्यकता थी वृद्ध ने बैंक शाखा के ठीक सामने डाकघर में भी कुछ पैसे फिक्स डिपाजिट किया था उन पैसों को निकाल कर अपना उपचार कराया। जब वह बुधवार को बैंक पहुंचा तो बैंक कर्मियों ने 20 मार्च को ही पैसा निकल जाने की बात बताई जिससे वृद्ध के होश उड़ गए। वह बैंक पर ही बैठ कर रोने लगा और लोगों से आप बीती सुनाता रहा, किंतु उसकी कोई एक भी नहीं सुनी।

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