चित्रकूट के लिए संजीवनी बनी सद्गुरु कोविड आरोग्यम योजना

 


 चित्रकूट (स्वतंत्र प्रयाग) वर्तमान में पूरे देश की भांति ही चित्रकूट के क्षेत्र में भी कोरोना केस की संख्या में निरंतर कमी आ रही है। लेकिन यह परिस्थिति लगभग एक माह पूर्व नहीं थी, जब चित्रकूट म.प्र. एवं उ.प्र. निकटवर्ती जिलों में प्रतिदिन तीन सौ से चार सौ केस निकल रहे थे तब स्थिति बड़ी भयावह थी। ऐसे में जब शासन प्रशासन द्वारा राज्य स्तर पर लॉकडाउन लगाया गया तब चित्रकूट के आसपास के ग्रामीण आदिवासी अंचलों में बढ़ रहे संक्रमण की रोकथाम हेतु श्री सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट,जानकीकुंड द्वारा इसकी रोकथाम हेतु एक नूतन प्रकल्प आरम्भ किया गया जिसका नाम है *“सदगुरु कोविड अरोग्यम्”।

                 इस कार्यक्रम के अंतर्गत सर्वप्रथम ग्रामीण इलाकों में फ़ैल रहे संक्रमण की जाँच एवं स्क्रीनिंग हेतु दो विशेष कोविड वैन तैयार की गयी। जिनमें 6-8 प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ की टीम प्रतिदिन क्षेत्र के विभिन्न गाँवों में जाकर कोरोना के प्राथमिक लक्षण वाले ग्रामीणों की स्क्रीनिंग एवं निःशुल्क एंटीजेन कोरोना जाँच करना आरम्भ किया। हल्के लक्षण के साथ जाँच में पोजीटीव पाए जाने वाले ग्रामीणों को उनके ही घरों में आइसोलेट कर बाकी ग्रामीणों और परिजनों में संक्रमण फैलने से बचाया गया। आइसोलेट किये गए कोरोना मरीजों को निःशुल्क दवाई की किट उपलब्ध करायी गयी। साथ ही उनकी मोनिटरिंग भी समय-समय पर अस्पताल की टीम फोन द्वारा करती रही। परिणाम स्वरूप बिना जाँच के कोरोना मरीज अनजाने में संक्रमण फैला सकते थे, जिसकी त्वरित रोकथाम हुई। कोरोना की चेन ग्रामीण इलाकों में टूट गयी, जिससे गाँव के अन्य ग्रामवासी संक्रमित होने से बच गए। इन चालित कोविड वैन द्वारा ग्रामीणों में इस संक्रमण के बचाव के प्रति जागरूक किया गया एवं पम्पलेट तथा स्पीकर के माध्यम से ग्रामीणों को सामजिक दूरी एवं मास्क के लिए जागरूक किया, जिससे निकट भविष्य में भी संक्रमण की संभावनाएं कम की जा सके। सदगुरु कोविड आरोग्यम् वैन द्वारा 20 दिनों में चित्रकूट अंचल के लगभग 35 गावों में पहुंचकर 3000 से अधिक लोगों तक अपना अभियान पहुंचाया। अभी तक 600 से अधिक एंटीजेन कोरोना टेस्ट किये गए। पोजिटिव मरीजों को आइसोलेट किया गया एवं गंभीर लक्षण वाले ग्रामीणों को जानकीकुंड चिकित्सालय लाकर उनका निःशुल्क उपचार किया गया।

 इसी के साथ कोविड आरोग्यम् कार्यक्रम के अंतर्गत कोविड आइसोलेशन सेन्टर भी जानकीकुंड चिकित्सालय में आरम्भ किया गया। जिसमें आक्सीजन की सप्लाई उपलब्ध कराने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ कंसंट्रेटर मशीनों की भी पर्याप्त व्यवस्था सुचारू रूप से की गयी। इस केंद्र में कुशल चिकित्सकों की देखरेख में मरीजों के लिए दवाई,जाँच,के साथ संतुलित आहार एवं साफ-सफाई की उत्तम व्यवस्था है। इस कोविड आरोग्यम् कार्यक्रम में प्रोजेक्ट O2 सिंगापुर, मिशन फॉर विजन, सोना शाह हार्ट फाउन्डेशन अमेरिका जैसी अंतर्राष्ट्रीय संस्थान का पूर्ण सहयोग मिला। इस सेंटर में वर्तमान तक 2600 से अधिक कोविड टेस्ट किये गए एवं 400 से अधिक रोगियों को उपचार कर निगेटिव किया गया।

                   डॉ.इलेश जैन (ट्रस्टी एवं प्रशासक) सदगुरु नेत्र चिकित्सालय द्वारा बताया गया कि हम लोगों द्वारा पूर्ण प्रयास किया गया अचानक आई इस दूसरी लहर में चित्रकूट अंचल का कोई भी आदिवासी –ग्रामीण, साधु-संत तथा रहवासी चिकित्सा के अभाव में असमर्थ न हों। जानकीकुंड चिकित्सालय में जाँच के साथ पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन,दवाएं आदि की समुचित व्यवस्था की गयी थी। अनेकों लोगों को इस उपचार का लाभ भी मिला। शासन-प्रशासन, आंगनवाडी-आशा कार्यकर्ताओं के साथ क्षेत्रीय जनमानस के सहयोग से गाँव-गाँव जाकर कोरोना जाँच और जागरूकता अभियान से कोविड चेन तोड़ने में हम काफी हद तक सफल हुए।

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