उत्तर प्रदेश में 16 लाख कर्मचारियों को लगा झटका, कई तरह के भत्ते खत्म करने का प्रदेश सरकार का फैसला


लखनऊ (स्वतंत्र प्रयाग न्यूज)उत्तरप्रदेश की योगी सरकार ने मौजूदा समय में प्रदेश के आर्थिक संकट को देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 16 लाख सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले कई तरह के भत्तों को समाप्त करने का फैसला लिया है।


इससे संबंधित आदेश भी आज जारी कर दिया गया। सरकार के इस  फैसले से राज्य के 16लाख कर्मचारियों को आर्थिक झटका लगा है।सरकार ने आदेश जारी कर नगर प्रतिकार, सचिवालय भत्ता, पीडब्लूडी के कर्मचारियों को मिलने वाले भत्ते, अवर अभियंताओं को मिलने वाले भत्तों को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया।


सरकार के इस फैसले से राज्य के कर्मचारियों में असंतोष का माहौल है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार ने कर्मचारियों के साथ धोखा किया। इन छह प्रकार के भत्तों को खत्म करने से सरकार को एक साल में तकरीबन 1500 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है। बता दें कि नगर प्रतिकर भत्ता एक लाख तक या उससे अधिक आबादी वाले नगरों में तैनात सभी राज्य कर्मचारियों और शिक्षकों को दिया जाता है। 


वहीं, सचिवालय भत्ता सचिवालय में तैनात निचले स्तर से लेकर विशेष सचिव स्तर तक के कर्मचारियों को मिलता था। जिसकी अधिकतम सीमा 2500 रुपये थी। सचिवालय में तैनात कर्मियों के अलावा यह भत्ता राजस्व परिषद में अध्यक्ष और सदस्यों को छोड़कर शेष कार्मिकों और इलाहाबाद हाई कोर्ट में एडीशनल रजिस्ट्रार तक के सभी कार्मिकों को मिलता था।


इससे पहले पिछले महीने योगी सरकार ने महंगाई भत्ते पर रोक लगाने का फैसला लिया था। कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को डीए नहीं मिलेगा।