मध्य प्रदेश में कोरोना के चलते लागू हुआ सर्विस मेंटिनेंस कानून



भोपाल,(स्वतंत्र प्रयाग) कोरोना वायरस के फैलाव को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वास्थ्य सेवाओं को अत्यावश्यक सेवा घोषित कर दिया है  इसके तहत अब स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं देने से कोई इन्कार नहीं कर सकेगा  अब न तो स्वास्थ्य का अमला ड्यूटी पर आने से मना कर सकता है और न दवा दुकानदार दुकान खोलने या निर्माता दवा या उपकरण बनाने से इन्कार कर सकता है।


यदि किसी ने ऐसा किया तो उसके खिलाफ अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) के तहत कार्रवाई होगी मुख्यमंत्री के निर्देश पर बुधवार को गृह विभाग ने स्वास्थ्य सेवाओं को एस्मा के दायरे में लाने के आदेश जारी किए. दरअसल, कुछ जिलों में डॉक्टरों के काम पर नहीं आने की सूचनाएं मिली थीं।


 


जिला प्रशासन की ओर से इन्हें निलंबित करने जैसी कार्रवाई भी की गई है  वहीं, कुछ जगह कोरोना के संक्रमण को देखते हुए दवा दुकानें बंद रखे जाने की शिकायतें भी मिली थीं  वहीं, मास्क, सैनिटाइजर आदि की कीमतें भी काफी बढ़ाकर दी जा रही हैं  इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को अत्यावश्यक सेवा कानून के दायरे में लाने का फैसला किया है।



 बता दें की मध्य-प्रदेश में अब तक कोरोना वाइरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 347 हो गई है और 25 लोग इस बीमारी से छुटकारा पा चुके हैं तो 24 लोगों की मौत हो चुकी हैं एमपी के इंदौर में 151 और भोपाल में 85 लोग संक्रमित पाये गए हैं यह एमपी के किसी दूसरे शहर से सबसे ज्यादा केस हैं।


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