कोरोना से ननद की हुई मौत ,भाभी ने लगाई चिता में  आग, लॉकडाउन के चलते नही आ सके पुत्र और पति



इंदौर,(स्वतंत्र प्रयाग)देशभर मे कोरोना वायरस जिस तेजी से फैला है, अब उतनी ही तेजी से पॉज़िटिव लोगों को मृत्यु भी होनी शूर हो गई है  मध्य प्रदेश का इंदौर भी ऐसे ही रेड ज़ोन के रूप मे दर्ज हो चुका है, लगातार यहाँ पॉज़िटिव लोगों और मौत के आंकड़ो मे बृद्धि दर्ज की जा रही है  19 अप्रैल की शाम 7 बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश भर मे 1402 पॉज़िटिव पाए गए हैं, जिसमे से 69 की मौत हो चुकी है।


कोरोना संक्रमण के बीच लॉक डाउन ऐसी परेशानी से भी रूबरू करा रहा है, जिसकी किसी ने कभी कल्पना भी नहीं की होगी  इंदौर में रह रही शिक्षिका का बेटा और पति लॉक डाउन के कारण उमरिया में फंस गए इस बीच इंदौर में शिक्षिका की ननद का निधन हो गया।


  ऐसे में उन्होंने ही अंतिम क्रिया का इंतजाम किया और मुखाग्नि दी सुदामा नगर के ई सेक्टर में रहने वाली चेतना पाठक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरपुर में शिक्षक हैं वे दिव्यांग भी हैं इंदौर में चेतना के साथ उनकी ननद आशा पाठक रह रही थीं  वे आठ माह पहले ही यहां आई थीं. बीमारी की वजह से शुक्रवार को उनका निधन हो गया।


चेतना के मुताबिक उनकी ननद पहले से ही बीमार और कमजोर थीं अन्न ज्यादा खा नहीं पाती थी, इसलिए फल ही देते थे  लॉकडाउन के कारण फल नहीं मिल रहे थे तो वे ग्लूकोज पर थीं  शुक्रवार सुबह घर में उन्होंने टीवी पर रामायण देखी और बातचीत भी की इसके बाद वे अचेत हो गई।


  मैंने पड़ोसियों व पास के क्लिनिक के डॉक्टर को बुलाया तो उन्होंने बताया कि उनका निधन हो गया है मेरी दूसरी ननद का परिवार आया और जैसे-तैसे शव वाहन की व्यवस्था हुई  लॉकडाउन के बीच इंतजार नहीं कर सकती थी, इसलिए मैंने ही मुखाग्नि दी आपको बताते चलें इसके पहले भी मध्य प्रदेश मे एक अधिकारी, एक डॉक्टर और एक पत्रकार की मौत हो चुकी है।