शुक्रवार, 17 अप्रैल 2020

जम्मू कश्मीर में आतंकी मुठभेड़ जारी सेना तथा सीआरपीएफ के जवान तीन तरफ से कर रहे है जबाबी हमला



नई दिल्ली,(स्वतंत्र प्रयाग)पूरा देश को कोरोना महामारी से जूझ रहा है, पूरा विश्व भी इससे परेशान है, वहीं दूसरी ओर जम्मू कश्मीर में आतंकी घटनाएं भी इन दिनों तेजी से बढ़ गई हैं, कुछ दिनों से आतंकी घटनाओं में जम्मू कश्मीर के कई क्षेत्रों में सुरक्षाबलों से मुठभेड़ लगातार हो रही है।


जिसमें सुरक्षाबलों ने कई आतंकवादियों को मार गिराया और कईयों को उन्होंने सर्च ऑपरेशन के दौरान ही खोज कर पकड़ लिया था, जम्मू कश्मीर में 17 अप्रैल से देर रात  आतंकी गतिविधियां सामने आई यहाँ के शोपिया में देर रात आतंकियों की सूचना पर सीआरपीएफ और सेना के जवानों ने इलाके को पूरी तरह से घेर लिया और सर्च ऑपरेशन करते हुए आतंकियों तक पहुंची।



आतंकियों के मुख्य ठिकाने पर पहुचते ही आतंकियों के द्वारा फायरिंग की गई, जिसका जवाब देते हुए लगातार सेना के जवान पोजीशन पर बने हुए हैं  44 राष्ट्रीय राइफल्स और सीआरपीएफ ने फिलहाल पूरे इलाके को घेर कर रखा हुआ है  पिछले 2 दिनों से लगातार यहां पर आतंकी इनपुट और पर मिल रहे थे जवानों ने तब से ही सर्च ऑपरेशन शुरू किया था।


ठिकाने तक पहुंचे इसके बाद ही उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी  कोरोना के खतरे के साथ ही पाकिस्तान की ओर से लगातार गोलीबारी और उसके बाद जम्मू कश्मीर में अंदर आतंकियों के साथ मुठभेड़ में क्षेत्र घिरा हुआ है।


ऐसे में सबसे ज्यादा दिक्कत क्षेत्रीय लोगों को सीमावर्ती लोगों को हो रही है, पिछले कई दिनों से लगातार हो रहे, गोलीबारी और आतंकी घटनाओं में दो दर्जन से ज्यादा मकान तबाह हो गए हैं, पिछले कई दिनों से लगातार घुसपैठ की कोशिश हो रही है, वह जम्मू के कुपवाड़ा पुंछ और राजौरी जिलों में एलओसी के रास्ते से की जा रही है।


इन सभी आतंकियों को पाकिस्तानी सेना प्रोटेक्शन दे रही है, जिनके माध्यम से यह जम्मू और कश्मीर में एंट्री करते हैं पिछले सप्ताह पाकिस्तान की ओर से हुई गोलीबारी में भी 3 नागरिकों की मौत हुई थी।


शोपिया मे लगातार आतंकी अपने ठिकाने बनाए हुए हैं, वहीं जम्मू जिले के कस्बा गांव निवासी शौकत के अनुसार वह भी पाकिस्तान की ओर से हुई गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हुए थे, उनका कहना है कि एक तरफ हम वायरस से अपने परिवार को बचा रहे हैं, दूसरी तरफ पाकिस्तानी हमारे घरों को ही निशाना बना रहे हैं।


ऐसे हमारे लिए एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ खाई वाली स्थिति बनी हुई है, बालाकोट की रहने वाली मुमताज ने बताया ग्रामीणों ने प्रशासन के मदद से एक बनकर बनाने की योजना थी, लेकिन अभी तक किसी ने नहीं सुनी उस बनकर से हम कम से कम पाकिस्तान की ओर से होने वाली फायरिंग सकेंगे।


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