यूपी पुलिस में ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े कथित भ्रष्टाचार से पुलिस महकमे में मचा हड़कंप , पूरे प्रकरण पर सीबीआई जांच की मांग


लखनऊ (स्वतंत्र प्रयाग) : उत्तर प्रदेश पुलिस एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला पुलिस महकमे में कथित भ्रष्टाचार और ट्रांसफर-पोस्टिंग के खेल से जुड़ा है। दरअसल, पूरे मामले को दो दिन पहले तब हवा मिली जब नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) के SSP वैभव कृष्ण का एक कथित फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वैभव कृष्ण तुरंत मीडिया के सामने आए और उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर एक 'मॉर्फ्ड वीडियो' जारी किया है। जिसमें उनकी तस्वीर के साथ एक महिला की आपत्तिजनक आवाज आ रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले में उन्होंने थाना सेक्टर 20 में अज्ञात लोगों के खिलाफ आईटी एक्ट और विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कराया है। नोएडा के SSP ने यह भी कहा कि उन्होंने आईजी जोन से निवेदन किया है कि इस मामले की जांच जनपद गौतम बुद्ध नगर के अलावा किसी दूसरे जिले की पुलिस से कराई जाए। इसके बाद डीजीपी के आदेश पर इस मामले में जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। मामले की जांच हापुड़ के एसपी को सौंपी गई है।


वहीं पर यूपी के डीजीपी सिंह ने कहा कि एसएसपी वैभव कृष्ण का कृत्य सर्विस नियमों के खिलाफ है। डीजीपी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एसएसपी वैभव कृष्ण से स्पष्टीकरण मांगा गया है और मामले की एडीजी मेरठ से जांच कराने को कहा गया है। डीजीपी ने कहा, "मामले में एसएसपी से सफाई मांगी गई है। सचिवालय ने गृह विभाग को शिकायत भेजी है।


मामला तब तूल पकड़ा जब इस पूरे प्रकरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मेरठ जोन के आईजी से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने आईजी रेंज मेरठ आलोक सिंह को इस बाबत निर्देश दिए। सिंह की निगरानी में एसपी हापुड़ संजीव सुमन को जांच सौंपी गई है। इस बीच, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने एसएसपी (गौतमबुद्धनगर) वैभव कृष्ण द्वारा डीजीपी मुख्यालय व गृह विभाग को भेजी गई रिपोर्ट के मामले में सीबीआई जांच कराने की मांग की है। डॉ. नूतन के अनुसार, उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि वैभव कृष्ण ने रिपोर्ट देकर पांच आइपीएस अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की गंभीर शिकायत की, लेकिन उसमें कोई कार्रवाई न होना आपत्तिजनक है।