बुधवार, 1 जनवरी 2020

विजय माल्या की जब्त संपत्ति को बेचकर SBI सहित अन्य बैंक करेंगे वसूली


नई दिल्ली (स्वतंत्र प्रयाग ): प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के स्पेशल कोर्ट ने विजय माल्या को बड़ा झटका दिया है। स्पेशल कोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और कई अन्य बैंकों को विजय माल्या की जब्त संपत्ति को बेचकर कर्ज वसूली करने की इजाजत दी है। स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने इसकी इजाजत दी है।


विजय माल्या के वकीलों ने आपत्ति की थी कि यह केवल डेट रिकवरी ट्राइब्यूनल ही तय कर सकता है। हालांकि, स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने इस फैसले पर 18 जनवरी तक स्टे लगाया है, ताकि माल्या इस आदेश के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील कर सकें।


आपको बता दें कि शराब कारोबारी विजय माल्या पर  ब्रिटेन में बैंकों के 9000 करोड़ रुपये का लोन नहीं चुकाने का मामला चल रहा है। इसके अलावा माल्या पर जालसाजी और मनी लॉन्ड्र‍िंग का आरोप भी है। 


गौरतलब है कि दिसंबर महीने में विजय माल्या मामले में लंदन कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट जनवरी में विजय माल्या पर फैसला सुना सकता है। वहीं, विजय माल्या पर दायर दिवालिया घोषित होने की याचिका खारिज भी हो सकती है या यह याचिका रद्द की जा सकती है या जब तक भारतीय सुप्रीम कोर्ट में माल्या के सेटेलमेंट ऑफर पर सहमति नहीं बन जाती तब तक यह याचिका स्थगित भी की जा सकती है।


इस मामले में यूके कोर्ट भारतीय नियमों की प्रासंगिकता पर विचार कर सकता है।भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या ने एक बार फिर यह पेशकश की है कि वह भारतीय बैंकों का शत-प्रतिशत कर्ज चुकाने को तैयार है। बैंकों के करीब 9 हजार करोड़ रुपये के लोन न चुकाने, जालसाजी और मनी लॉन्ड्र‍िंग के मामले में ब्रिटेन में मुकदमे का सामना कर रहे विजय माल्या ने ट्वीट कर यह ऑफर दिया है। विजय माल्या एक बार पहले भी ऐसी पेशकश कर चुका है ।


भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नेतृत्व में भारतीय सरकारी बैंकों के एक समूह ने ब्रिटेन के उच्च न्यायालय से भगोड़ा विजय माल्या को करीब 1.145 अरब पाउंड का कर्ज ना चुकाने के आरोप में दिवालिया घोषित करने का आदेश देने की फिर से अपील की थी। लंदन में उच्च न्यायालय की दिवाला शाखा में न्यायाधीश माइकल ब्रिग्स ने सुनवाई की।


वहीं, उच्च न्यायालय ने पहले दिए एक फैसले में दुनियाभर में माल्या की संपत्ति के लेन-देन पर प्रतिबंध लगाए जाने के आदेश को पलटने से इनकार कर दिया था और भारत की एक अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा था कि 13 भारतीय बैंकों का समूह तकरीबन 1.145 अरब पाउंड के कर्ज की भरपाई करने के लिए अधिकृत है।


इसके बाद बैंकों ने संपत्ति जब्त करने के आदेश के तौर पर भरपाई की कवायद शुरू की। इसी के तहत कर्ज की भरपाई करने के लिए ब्रिटेन में माल्या की संपत्ति को जब्त करने की अपील करते हुए दिवाला याचिका दायर की।


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