उत्तर प्रदेश सरकार पाल समाज के उत्थान के लिए कटिबद्ध है: सिद्धार्थ नाथ सिंह


प्रयागराज,(स्वतंत्र प्रयाग) उत्तर प्रदेश सरकार प्रवक्ता एवं लघु,सूक्ष्म, मध्यम उद्योग,खादी व ग्रामोद्योग मंत्री मा0 सिद्धार्थ नाथ सिंह उद्योग विभाग,खादी व ग्रामोद्योग,पशु विभाग और भेड़ पालकों के प्रतिनिधि मंडल के साथ बैठक कर पाल समाज के जीवकोपार्जन संकट से रूबरू हुए।


भेड़ पालकों के प्रतिनिधि मंडल ने ऊन की बिक्री के संकट से रूबरू कराया जिसपर माननीय मंत्री ने विभागों से पाल समाज के सामने खड़ी जीवकोपार्जन संकट को गंभीरतापूर्वक सुझाव और विषयों को मंथन करने के बाद भेड़ पालक भी सहमत हुए।
 


कि प्रयागराज में वृहद योजनाओं के जरिए जीवकोपार्जन का सृजन किया जा सकता है। पशुधन प्रसार अधिकारी ने बताया कि प्रयागराज में लगभग एक लाख पच्चासी हजार भेड़ की जनसंख्या है।जिसमें कादिलपुर शहर पश्चिमी में उनतालीस हजार पांच सौ तिरानबे भेड़ है। मा0 मंत्री जी ने 30 जनवरी तक भेड़ पालकों के उत्थान के लिए वृहद कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया।


साथ ही कहा भेड़ के बीमारियों और इलाज की सुगमतापूर्वक होनी चाहिए ताकि समयबद्ध रोग नियंत्रण से बीमारियों से बचाया जा सकें।  सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि प्रयागराज में भेड़ पालकों के ऊन के लिए वाशिंग प्लांट स्थापित होगा। सर्वप्रथम भगवतपुर में वाशिंग प्लांट और स्प्रिंग कार्डिंग मशीन स्थापित किया जाएगा।


जिसके जरिए दो लाख ऊन तैयार होगा।प्रयागराज में 43 सेंटर ऊन जमा केंद्र बनेंगे। जिसके जरिए एक हजार परिवार लाभान्वित होंगे। इस मौके पर भेड़ पालकों के प्रतिनिधि मंडल में मेजा से गुलाब चंद पाल, फूलपुर से अशोक पाल, सोरांव से हीरालाल पाल और शहर पश्चिमी कादिलपुर से जगदीश पाल, संजय कुमार डिप्टी सीइओ खादी (कम्बल) लखनऊ,संयुक्त आयुक्त उद्योग सुधांशु तिवारी, पशुपालन जेडी डॉ नरेंद्र कुमार,पशु परियोजना अधिकारी डॉ संजीव,डॉ भारत भूषण, अम्बुज कुमार, सीपी कुशवाहा,ज्ञानेंद्र कुमार गौतम, राम औतार यादव खादी व ग्रामोद्योग अधिकारी, त्रिभुवन सिंह,रामकरण दुबे,रामलोचन साहू,मान सिंह पाल, भइया लाल पाल, महेश पाल, सूर्य पाल आदि उपस्थित रहे।