सीएए समर्थन को लेकर लखनऊ रैली में बोले अमित शाह-जिसको विरोध करना है कर ले, कानून वापस नहीं होगा


लखनऊ (स्वतंत्र प्रयाग): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को यूपी की राजधानी लखनऊ में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में एक रैली को संबोधित किया। रैली में शाह ने कहा कि सीएए के खिलाफ लोगों को भड़काकर देश को तोड़ने का काम किया जा रहा है। इसी के चलते इस मुद्दे पर हमारी पार्टी ने जनजागरण अभियान चलाने का फैसला किया है।


अमित शाह ने विपक्ष पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब कश्मीर से लाखों कश्मीरी पंडितों को भगा दिया गया था, तो इनका मानवाधिकार कहां गया था। उन्होंने कहा कि जिसको विरोध करना है कर ले, लेकिन सीएए वापस नहीं होगा। उन्होंने सीएए के जरिये नरेन्द्र मोदी जी ने वर्षों से प्रताड़ित लोगों को उनके जीवन का नया अध्याय शुरू करने का मौका दिया है।


अमित शाह देशभर में सीएए पर जनजागरण अभियान की कमान संभाल रहे हैं। -फाइलगृह मंत्री ने कहा कि संसद के सत्र में जब हमारी सरकार बिल लाई तो राहुल बाबा एंड कंपनी विरोध में काउ-काउ कर रही थी। इस मुद्दे पर भ्रम फैलाया जा रहा है कि इस कानून से मुसलमानों की नागरिकता चली जाएगी।


विपक्ष का कोई भी नेता चर्चा करने के लिए तैयार हो जाए तो हमारी ओर से स्वतंत्रदेव सिंह चर्चा के लिए तैयार हैं। बता दें कि देशभर में सीएए को लेकर लगातार हो रहे प्रदर्शन के जवाब में भारतीय जनता पार्टी ने इस कानून के संबंध में जागरुकता अभियान शुरू करने का ऐलान किया और इसी के बाद अमित शाह के अलावा कई अन्य केंद्रीय मंत्री भी जनसभा आयोजित कर रहे हैं।


कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री ने कहा कि राहुल बाबा कान खोल कर सुन लें कि उनकी पार्टी की वजह से ही भारत माता के दो टुकड़े धर्म के आधार पर हुए। पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में पिछले कई वर्षों में अल्पसंख्यकों की संख्या में भारी कमी आई है, ऐसे में वो लोग कहां गए।


अखिलेश यादव को लेकर शाह ने कहा कि अखिलेश बाबू, ज्यादा ना बोलें तो अच्छा है।किसी के रटे रटाए वाक्य बोल देते हो, मंच पर आकर सीएए पर कुछ शब्द कह सकें तो बताएं। अखिलेश कभी पढ़ा करें, पढ़ने से फायदा होता है। गृह मंत्री ने कहा कि दलित बंगालियों को आज नागरिकता मिल रही है तो ममता बनर्जी को दिक्कत हो रही है। विपक्ष को आदत पड़ गई है कि देशहित की जो भी बात हो उसका विरोध करना है।