प्रयागराज जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के चेकिंग के दौरान 72 ओवरलोड बाहनों पर की गई कार्रवाई

       


प्रयागराज (स्वतंत्र प्रयाग) सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार को आधी रात यमुनापार के मेजा तथा बारा तहसील की पहाड़ियों से अवैध खनन सहित ओवरलोड करके परिवहन कर रहे 72 वाहनो के खिलाफ विभिन्न धाराओं में कार्यवाही की गई ।  


 जनसुनवाई के माध्यम से यमुनापार के बारा तथा मेजा तहसील से प्रतिदिन सैकड़ो वाहन अवैध खनन तथा ओवरलोडिंग करके परिवहन करते है, कि शिकायत एक पत्रकार ने ही किया था। जिसके मद्देनजर आधी रात से प्रशासनिक अधिकारियों ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। जिसमें 72 अवैध खनन ओवरलोडिंग के वाहन मिले जिसे अधिकारियों ने चालान कर दिया ।


जिससे खनन माफियाओं में  हड़कंप मचा रहा । इसी प्रकार अगर अवैध खनन तथा ओवरलोडिंग पर प्रशासनिक कार्रवाई समय समय पर होती रहेंगी , तो करोड़ो रूपये के राजस्व की छति पूर्ती नहीं होगी । अब सवाल यह खड़ा हो रहा है कि जनसुनवाई के माध्यम से शिकायत पर एक दिन में 72 वहां अवैध रूप से परिवहन कर रहे थे तो प्रतिदिन ऐसे ही अवैध करने बाले ट्रको को परिवहन करते होंगे।


जब शिकायत पर एक दिन में खनन माफियाओं में अफरातफरी देखने को मिली तो इससे साफ जाहिर होता है कि खनन विभाग तथा परिवहन विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में जरूर होगा। नही तो एक दिन में ऐसा नही हो सकता । वहीं पर जिलें के जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को अवैध खनन करने तथा ओवरलोडिंग की जानकारी ही नही हो पाती ।


मातहतों को जरूर जानकारी रहती है किंतु उच्चाधिकारी तक बात ही नही पहुंच पा रही है। अब इसमें खनन पहुंच माफिया इतने सक्रिय है कि आर टी ओ विभाग तथा स्थानीय पुलिस से संत गांठ करके अवैध खनन व ओवरलोडिंग करते है। जिससे सरकार का प्रतिदिन लाखो का राजस्व का नुकसान होता है।


यही नही एक दिन नही प्रतिदिन अवैध खनन तथा ओवरलोडिंग निरंतर चलती रहती है । अवैध खनन तथा ओवरलोडिंग की शिकायत पर एक दिन में 72 ट्रक ओवरलोड थी तो जिलाधिकारी प्रयागराज को जरूर संज्ञान लेना चाहिए जब एक दिन में इतनी ट्रक अवैध खनन ओवरलोड थी तो महीने में कितने राजस्व की चोरी होती है यह तो 72  अवैध ट्रको से ही प्रतीत हो जाता है ।


बात जो भी हो यह तो कहना मुश्किल है किंतु इस संबंध में स्वतंत्र प्रयाग अखबार की टीम ट्रक चालकों से बात किया तो ट्रक चालकों ने नाम नही छपने की बात पर बताया कि आर टी ओ को ओवरलोडिंग के लिए प्रति महीने की दर से पांच हजार से सात हजार की एंट्री कराई जाती है जिसकी दलालो के माध्यम से एंट्री रहती है उनको चाहे जितना लोडिंग हो नही पकड़ा जाता जिसकी इंट्री नही होती है उनको पकड़ के बंद कर दिया जाता है।


पकड़े जाने पर खनन विभाग और आर टी ओ का प्रति ट्रक पचासों हजार लग जाता है इस लिए इंट्री कराई जाती है जब उनसे बात की गई किखनं विभाग का आदेश है कि ओवरलोड किसी भी वहां को न दिया जाय तो क्रेसर से कैसे लोड करते हो तो चालक ने बताया कि क्रेसर बाले स्थानीय प्रशासन तथा पुलिस को हर माह पैसा देते है अब सोचनीय पहलू यह है।


कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय तथा मुख्यमंत्री जी का स्पष्ट आदेश है कि किसी भी दशा में अवैध खनन अवैध ओवरलोड परिवहन न किया जाय तब ऐसा हो रहा है जब मानीय न्यायालय तथा मुख्यमंत्री के आदेश का पालन नही हो रहा है तो भगवान ही मालिक है अब बात जो भी हो यह तो विभागीय अधिकारी और प्रसासनिक अधिकारी ही जाने किन्तु अवैध खनन भारी पैमाने पर किया जा रहा है।


जिससे न्यायालय के आदेशो की अवहेलना तो हो ही रही है साथ ही जो रायल्टी और परिवहन विभाग का जुर्माना प्रति वर्ष करोड़ो में हो रहा है वह एक दम कम हो जाएगा । एक समाजसेवी तथा स्थानीय जनता ने मुख्यमंत्री जी से प्रयागराज जनपद में हो रहे अवैध खनन तथा ओवरलोडिंग बैंड कराने की मांग किया है।