मध्यप्रदेश में शासकीय पशु बाड़े में कीचड़ में फंसने से 75 गोवंशों की हुई दर्दनाक मौत, सीईओ संजय सिंह की घोर लापरवाही सामने आई

 



त्थोंथर(स्वतंत्र प्रयाग)रीवां त्योंथर तहसील के बसहट ग्राम पंचायत में मानवता को शर्मशार करने वाली तस्वीरें सामने आईं। बसहट पंचायत में बने शासकीय पशु बाड़े में ग्रामिणों के  द्वारा सैकड़ों आवारा मवेशियों को बंधक बना दिया गया था। जहां पर  एक ओर मवेशी भूंख प्यास से तड़प रहे थे, वहीं दो दिन पूर्व हुई वारिस का पानी बाड़े के अन्दर भर जाने से कीचड़ में फंसकर कई मवेशियों की अकाल मौत हो गई है। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे गांव के लोगों में आक्रोश का माहौल व्याप्त है । वहीं पर गांव के सरपंच और सचिव को घटना की जानकारी होने के बावजूद घटनाक्रम से बेखबर होने के साथ ही साथ उच्चाधिकारियों को भी सूचनाएं देना भी मुनासिब नहीं समझा। 


विश्वस्त लोगों से प्राप्त सूचना के आधार पर निकट के ही गौसेवक डॉ रोहित तिवारी (अध्यक्ष विंन्ध गौसेवा सेवा समिति झोंटिया ), ललित मिश्र किसान नेता , शिवानंद द्विवेदी समाजिक कार्यकता आदि लोगों के सहयोग से बाड़े में फंसे गौवंश का रेस्क्यू ऑपरेशन चालू किया गया। उसके बाद प्रशासन की भी आंख खुली और आनन-फ़ानन में पहुंच कर मवेशियों को सुरक्षित निकाला गया ।



 वही कीचड़ में फंसकर 75 से ज्यादा मवेशियों की हुई दर्दनाक मौत के पीछे जनपद के अधिकारी सीईओ  संजय सिंह त्योंथर की घोर लापरवाही को उजागर करती है क्योंकि घटना से पूर्व ही उनको ग्रामीणों के द्वारा यथास्थिति से अवगत कराया गया था फिर भी वो इन बेजुबानों की आवाज नहीं बन सकें। यहां तक कि घटना स्थल पर पहुंचना भी मुनासिब नहीं समझा।
वहीं पर ग्रामीणों का संजय सिंह पर आरोप था कि वो तहसील में ना रहकर  मुख्यालय जनपद रीवां में ही निवास करतें हैं।