करोड़ो की लागत से बनी कम्पनी के पुर्जो में लग रहा है जंग मजदूर दर दर की ठोकर खाने को मजबूर

 


प्रयागराज,(स्वतंत्र प्रयाग) प्रयागराज जनपद मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गोलहैया पहाड़ी पर लगभग बीस  वर्ष पहले यन यम डी सी कंपनी लिमिटेड प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के सहयोग से(इस्पात मंत्रालय) के अधीन स्थापित की गई थी।


इस कंपनी में सिलिका सैंड को देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे कांच उद्योग को सीधे आपूर्ति किया जाता था।
 इस कारखाने में सैकड़ो मजदूर तथा कर्मचारी काम करते थे लगभग 10 वर्ष पहले किसी कारण बस इस कंपनी को बंद कर दिया गया।
 


जिससे कंपनी में कार्यरत मजदूरों के सामने रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई पिछले साल ऐसा लगा की कंपनी फिर से चालू होने वाली  है। आस ऐसे  जगी की पर्यावरण की जनसुनवाई में कंपनी को दोबारा चालू होने की बात पर मजदूरों के चेहरे पर मुस्कान लौटी की कंपनी चालू होने वाली है ।


    लालापुर क्षेत्र के इस पहाड़ी पर वर्ष 1990 में स्टेट मिनिरल डेवलोपमेन्ट कारपोरेशन के द्वारा इस कंपनी की नींव रखी गई थी। तब क्षेत्र के लोगो को रोजगार मिला था किंतु वर्ष 1996 -1997 के बीच मे यू पी यस यम डी सी ने एन यम डी सी को सौंप दिया।
 


सौपने के बाद कंपनी का संचालन यन यम डी सी ने दस वर्ष तक सुचारू रूप से किया किन्तु 2007 में कंपनी को अपरिहार्य कारणों से बंद कर दिया गया बन्द होने के बाद आज तक कंपनी बन्द पड़ी है। करोड़ो रूपये की लागत से बनी सिलिका सैंड की इस कंपनी के पुर्जों में जंग लग रहा है कोई भी जनप्रतिनिधि तथा किसी भी अधिकारी का इस तरफ ध्यान नही जा रहा है ।


पिछले वर्ष कंपनी में पर्यावरण की सुनवाई के लिए बैठक बुलाई गई थी बैठक में कंपनी के एक अधिकारी ने जनसुनवाई में मजदूरों तथा कर्मचारियों को आश्वासन  दिए कि जल्द ही कंपनी को चालू किया जाएगा।
 किन्तु एक वर्ष बीतने को है अभी तक चालू नही किया गया है जिससे लोगो को कंपनी के अधिकारियो की बातों से भरोसा उठ गया है।


 कर्मचारियो तथा मजदूरों ने प्रधान मंत्री कार्यालय से ले कर मुख्यमंत्री जिलाधिकारी विधायक बारा से भी इस संबंध में जानकारी कराया किन्तु आश्वासन  के अलावा कुछ भी नही मिला। क्षेत्र के भाजपा नेता दिनेश तिवारी तथा किसान मजदूर नेता शेर सिंह ने कहा कि अगर जल्द ही कंपनी को चालू न किया गया तो यह के मजदूर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।