कैलाश विजयवर्गीय सहित 350 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज़, म.प्र.सरकार का कड़ा रूख



इंदौर (स्वतंत्र प्रयाग) : माफियाओं पर कार्रवाई के बीच भाजपा कार्यकर्ताओं को नोटिस भेजे जाने पर आगबबूला भाजपा नेताओं को संभागायुक्त के घर के बाहर धरना देना महंगा पड़ गया। मध्यप्रदेश के इंदौर में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय सहित 350 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बता दें कि इन सभी पर धारा 144 का उल्लंघन करने और संभागीय आयुक्त आकाश त्रिपाठी के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के आरोप हैं।


इसके अलावा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंदौर में शनिवार माचिस  बांटी। जिसपर कैलाश विजयवर्गीय की फोटो छापकर लिखा गया था कि यह शहर में आग लगाने के काम आती है।बता दें कि इससे पहले इंदौर में विरोध प्रदर्शन के दौरान बीजेपी नेता का एक विडियो सामने आया था, जिसमें वह अधिकारियों को धमकाते नजर आ रहे थे। विडियों में विजयवर्गीय यह कहते सुनाई दिए कि संघ के पदाधिकारी यहां हैं नहीं तो वह शहर में आग लगा देते।


इंदौर पुलिस ने इस दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में विजयवर्गीय पर शिकंजा कसा है। विजयवर्गीय और उनके समर्थकों पर डिविजनल कमिश्नर आकाश त्रिपाठी के आवास के बाहर प्रदर्शन करते हुए धारा 144 के उल्लंघन का आरोप है। यह घटना ऐसे समय में हुई जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में शामिल होने के लिए सरसंघचालक मोहन भागवत और अन्य शीर्ष पदाधिकारी शहर में ही थे।


कैलाश विजयवर्गीय (फाइल फोटो)बिफरे विजयवर्गीय विडियो में आगे कहते सुनाई पड़ रहे हैं, 'आखिर कोई प्रोटोकॉल होता है या नहीं? यह चिट्ठी लिखी है कि हम उनसे मिलना चाहते हैं। क्या वे हमें यह सूचना भी नहीं देंगे कि वे शहर से बाहर हैं? यह अब हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमारे संघ के पदाधिकारी (यहां) हैं, नहीं तो आज आग लगा देता इंदौर में।


'इस बीच मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करते हुए विजयवर्गीय पर निशाना साधा है। दिग्विजय ने ट्विटर पर लिखा, 'कैलाश विजयवर्गीय जी ने जो कुछ कहा है उनकी गलती नहीं है। वह एक अच्छे योग्य संघ द्वारा संस्कारित राजनेता है और जो भाषा संघ ने सिखाई उसका वह उपयोग करते हैं। समाज में, मोहल्लों में, शहर में आग लगाते-लगाते देश में लगा दी है क्योंकि यही संस्कार संघ ने इन्हें दिए हैं।


जय हो।'चश्मदीदों के मुताबिक विडियो विजयवर्गीय की अगुआई में बीजेपी के स्थानीय जनप्रतिनिधियों के रेजिडेंसी इलाके में शुक्रवार दोपहर किए गए धरना-प्रदर्शन का है। इस दौरान विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि प्रशासन शहर में विकास के नाम पर पक्षपातपूर्ण और राजनीतिक दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई कर रहा है।


कमलनाथ सरकार ने कैलाश विजयवर्गीय सहित 350 भाजपा कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज किया।इस मुद्दे पर बीजेपी नेताओं ने पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों को सीधी चर्चा के लिए बुलाया था लेकिन वे नहीं आए।


बाद में जब कुछ कनिष्ठ सरकारी अधिकारी प्रदर्शनकारियों के पास पहुंचे तो विजयवर्गीय ने आला अफसरों के रवैये पर तीखी नाराजगी जाहिर की। वायरल विडियो में विजयवर्गीय कहते सुनाई पड़ रहे हैं, 'क्या वे (अधिकारी) इतने बड़े हो गए? क्या उनकी इतनी औकात हो गई? अधिकारियों को समझना चाहिए कि वे जनता के नौकर हैं।'


 


सभी देशवासियों को नए साल की ढेर सारी सुभकामनाये 


 



आलोक यादव 


पत्रकार बारा प्रयाग राज