जोकर ट्रंप ईरानियों का समर्थन सिर्फ दिखावा, पीठ पर घोंपेंगे जहरीला छुरा:-अयातुल्ला खामनेई


तेहरान (स्वतंत्र प्रयाग) ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने कहा, ईरान वार्ता के लिए तैयार है लेकिन अमेरिका के साथ नहीं यूक्रेन का विमान गलती से गिराए जाने की घटना को कहा ‘भयानक हादसा’ 
वहीं पर अमेरिकी राष्ट्रपति को ‘जोकर’ करार देते हुए कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ईरान के लोगों का समर्थन करने का सिर्फ दिखावा करते हैं और एक दिन वह हमारी पीठ पर जहरीला छुरा घोंप देंगे।


2012 के बाद पहली बार शुक्रवार की नमाज को संबोधित करते हुए खामनेई ने कहा कि ईरान वार्ता के लिए तैयार है लेकिन अमेरिका के साथ नहीं।खामनेई ने आगे कहा, जनरल कासिम सुलेमानी के जनाजे ने यह दिखा दिया है कि ईरान के लोग इस्लामिक रिपब्लिक का समर्थन करते हैं। अमेरिका ने इस्लामिक स्टेट समूह के खिलाफ लड़ने वाले सबसे प्रभावी कमांडर की ‘कायराना तरीके से’ हत्या की।


वहीं खामनेई ने यूक्रेन के विमान को गलती से गिराए जाने की घटना को ‘भयानक हादसा’ करार दिया। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना ने ईरान के लोगों को जितना दुख पहुंचाया है उतना ही दुश्मनों को खुशी हुई है। खामनेई ने कहा कि पश्चिमी देशों में इतना दम नहीं हैं कि वे ‘ईरान के लोगों को घुटने के बल’ ला सकें। 


खामनेई ने कहा, इराक में अमेरिकी ठिकानों पर हमारा मिसाइल हमला अमेरिका के गाल पर चांटा था। हमारे मिसाइल हमले ने यह साफ कर दिया कि ईरान के पास वैश्विक शक्ति को टक्कर देने की क्षमता है क्योंकि हमारे ऊपर ईश्वर का हाथ है। जिस दिन हमने मिसाइल हमला किया वह दिन खुदा का दिन था।


ईरानी मिसाइल हमलों में 11 अमेरिकी सैनिक हुए थे घायल
इराक स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए ईरानी मिसाइल हमलों में 11 अमेरिकी सैनिक के घायल हुए थे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बृहस्पतिवार को खुद यह जानकारी दी जबकि ट्रंप इस हमले से अपने सैनिकों के नुकसान की बात खारिज कर चुके हैं।


कमांड के प्रवक्ता कैप्टन बिल उर्बन ने कहा कि आठ जनवरी को हुए ईरानी मिसाइल हमले में किसी अमेरिकी सैनिक की मौत नहीं हुई लेकिन 11 घायल जरूर हुए। हमले के वक्त 1500 अमेरिकी सैनिक वहां थे और सभी बंकरों में सुरक्षित थे।