जीवन साथी के साथ कुछ बातें जरूर रखें ध्यान ,नजर अंदाज करना नुकसानदायक


स्वतंत्र प्रयाग:- कई बार कुछ लोग जो रिलेशनशिप में होते हैं, अपने पार्टनर को लेकर बहुत सोचने लगते हैं। ऐसे लोग अपने पार्टनर के प्रति पूरी तरह से समर्पित होते हैं और उसके लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। पर कई बार उन्हें संदेह होता है कि पता नहीं उनका पार्टनर उनके लिए उतना कमिटेड है कि नहीं, जितना वे हैं।


इस तरह की सोच से उनमें निराशा की भावना घर करने लगती है। कई बार पार्टनर के ध्यान नहीं देने से, उससे मुलाकात तो छोड़ें, फोन पर बात नहीं होने से भी ऐसे प्रेमी चिंतित हो जाते हैं। इससे उनमें नेगेटिविटी आने लगती है और वे फ्रस्ट्रेशन के शिकार हो जाते हैं। इस समस्या के बढ़ जाने पर लोग मानसिक रोगों के शिकार होते पाए गए हैं। इसलिए इसके बारे में बहुत सचेत रहना चाहिए और कभी प्यार को लेकर पजेसिव नहीं होना चाहिए। जानते हैं रिलेशनशिप की इस बड़ी समस्या के बारे में।



रिलेशनशिप को लेकर ज्यादा सोचने से आप अपने पार्टनर की आलोचना करने लगते हैं। उससे आपको कई तरह की शिकायतें होती हैं। आप पार्टनर की हर बात पर सवाल उठाने लगते हैं या टोकाटोकी करने लगते हैं। इससे पार्टनर परेशान हो जाता है और आपके बीच लड़ाइयां शुरू हो जाती हैं। किसी भी रिलेशनशिप के लिए यह बहुत ही नुकसानदेह बात है।


जब आप अपने पार्टनर के बारे में ज्यादा सोचने लगते हैं आपको वर्तमान और भविष्य को लेकर कई तरह की आशंकाएं होती हैं। आपके मन में तरह-तरह के सवाल पैदा होने लगते हैं। इससे असुरक्षा की भावना पैदा होती है। ऐसा अक्सर तब होता है, जब पार्टनर का ध्यान आप पर कम हो और आपका ध्यान पार्टनर की तरफ ज्यादा हो।


ऐसी स्थिति से बचने की कोशिश करनी चाहिए। पता करना चाहिए कि क्या पार्टनर का मन किसी दूसरे के प्रति तो आकर्षित नहीं हो रहा है। अगर ऐसा होता है तो असुरक्षा की भावना पैदा होना स्वाभाविक है। यह वाकई रिलेशनशिप के लिए खतरे की बात है। 


 


बहुत लोगों का ऐसा स्वभाव ही होता है कि  वे वर्तमान में नहीं जीते। वे या तो पुरनी यादों मे खोये रहते हैं या भविष्य के लिए सुनहरे सपने देखते रहते हैं। ऐसे में, वर्तमान में वे रिलेशनशिप की जरूरतों को भूल जाते हैं और पार्टनर पर पूरा ध्यान नहीं दे पाते हैं। यह स्थिति भी रिलेशनशिप के लिए नुकसानदेह है।



रिलेशनशिप के बारे में ज्यादा सोचते रहने से और अपने पार्टनर से नहीं मिल पाने की वजह से बहुत से लोग उदास रहने लगते हैं। किसी भी वजह से जब उनका पार्टनर उनसे दूर होता है तो वे निराशा का अनुभव करते हैं और उन्हें लगता है कि उनका पार्टनर उनके साथ अन्याय कर रहा है। इससे रिश्ते की बुनियाद कमजोर होने लगती है।


 



 


कई बार लोग अपने रिलेशनशिप की तुलना दूसरों के रिलेशनशिप के साथ करने लगते हैं। उन्हें लगता है कि दूसरों के रिलेशनशिप में ज्यादा अच्छी बातें हैं। वे अक्सर मिनलते हैं, ज्यादा समय साथ बिताते हैं, वहीं वे ऐसा नहीं कर पा रहे। यह बात उनके मन में बहुत खटकती है और धीरे-धीरे वे डिप्रेशन में जाने लगते हैं। यह चीज उनके स्वास्थ्य के साथ ही रिलेशनशिप के लिए भी खराब साबित होती है।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

प्रधानमंत्री जी भारतीय आयुर्वेद चिकित्सा में,लेमन थेरेपी से कोरोना वायरस को मिल रही है मात,:-पूर्व डीजीपी मैथलीशरण गुप्त

Coronavirus से घबराएं नहीं,दो बूंद नींबू का रस लें, पिएं हल्दी युक्त गुनगुना पानी :-पूर्व डीजीपी मैथिलीशरण गुप्त

कल से बदल जाएंगे कई नियम , आम आदमी की जेब और घर के बजट पर इसका सीधा असर