जेएनयू में नकाबपोश लोगों ने की मारपीट, 15 छात्रों को एम्स ट्रॉमा सेंटर में कराया गया भर्ती, दो की हालत गंभीर  


 


जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी(जेएनयू) में रविवार को हुए बवाल और मारपीट की घटना पर सियासत शुरू हो गई है। इस घटना के लिए पक्ष और विपक्ष दोनों द्वारा एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। हालांकि, इस घटना की केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी के साथ-साथ कई विपक्षी पार्टियों ने निंदा की है।



घटना की निंदा करते हुए बीजेपी ने कहा, 'हम जेएनयू कैंपस में हुई हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं। यह उन अराजक तत्वों द्वारा दुस्साहस का प्रयास है, जो छात्रों को अपने हितों के लिए इस्तेमाल करते हैं और खत्म हो चुकी अपनी राजनीतिक जमीन को पाने के लिए अशांति फैलाने को उतारू हैं। यूनिवर्सिटी को शिक्षा और सीखने की जगह ही होनी चाहिए।'



वहीं, यूनिवर्सिटी की पूर्व छात्रा और मौजूदा केंद्र सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट कर कहा, 'जेएनयू से आ रही तस्वीरें बेहद भयावह हैं। यह वह जगह है, जिसे मैं गंभीर चर्चाओं और राय के लिए जानती हूं और याद करती हूं। मैं आज कैंपस में हुई घटना की निंदा करती हूं। यह सरकार चाहती है कि यूनिवर्सिटी छात्रों के लिए सुरक्षित जगह रहे।'