जब इकलौती बेटी ने अपनी माँ की अर्थी को दिया कंधा तो नम हो गई लोगो की आँखे


प्रतापगढ़,(स्वतंत्र प्रयाग) प्रतापगढ़ के पट्टी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य  केंद्र में ए एन एम पद पर तैनात उर्मिला गुप्ता के निधन के बाद उनकी बेटी ने अपनी माँ के अर्थी को कंधा दिया।क्योंकि उर्मिला गुप्ता के बेटी पर्मिला के अलावा कोई बेटा नही है  बेटी के जन्म के दो वर्ष बाद ही उनके पति छोड़कर कही चले गए थे भारतीय रीति रिवाज और परम्परा के अनुसार बेटे के हाँथों माँ को कंधा दिया जाता है । 


बेटा न होने पर पति और परिवार के अन्य लोग कंधा दे सकते है किन्तु पर्मिला  के न तो पिता ही है ना कोई भाई और न ही परिवार में कोई अन्य सदस्य ही है।सभी आडंबरों से हटकर बेटी पर्मिला ने बेटे की तरह जब अपनी माँ की अर्थी को कंधा देकर सड़क पर निकली तो देखने वाले लोगो की आँखों में आँशु छलक पड़े।


सभी लोगो ने नम आँखों से इकलौती बेटी के इस कार्य को देखकर सभी लोग  भूरि-भूरि प्रसंशा करने से नही चूक रहे है वही जहाँ एक बेटी होकर एक आदर्श बेटे की तरह माँ की अर्थी को कंधा देने की बात सुनने और देखने मे आती है तो खुद ही बहुत तकलीफ महसूस होता है।


सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पट्टी रायपुर स्थित  उनकी इकलौती बेटी पर्मिला  ने अपनी माँ के लिए बेटे की तरह फर्ज निभाया तथा हिन्दू रीति रिवाज के तरह सभी कर्म श्राद्ध आदि करने  के लिए मन बना लिया जिससे सभी लोगो की इस कार्य को देखकर आँखे गमगीन हो गयी  उर्मिला गुप्ता की इकलौती बेटी पर्मिला  पट्टी स्थित स्नातकोत्तर  में स्नातक की पढ़ाई कर रही है।


पिता जन्म के दो साल बाद ही घर छोड़कर पर्मिला को चले गए थे अब माँ का साया भी हट जाने के बाद वह घर मे अब अकेली रह जायेगी।