देश का पहला दफ्तर जहां पर रोज करतें हैं सभी कर्मचारी योग 


पूर्णिया (स्वतंत्र प्रयाग):बिहार के पूर्णिया जिले के विद्युत विभाग के दफ्तर में अधिकारी और कर्मचारी अपने को फिट रखने के लिए यहां नित्य प्रतिदिन योग कर रहे हैं। ऐसा नहीं कि यह सिर्फ सप्ताह में किसी एक दिन योगाभ्यास के लिए इकट्ठा होते हैं, यह यहां पदस्थापित अधिकारियों और कर्मचारियों के रोजमर्रा के कामों में शामिल है।


प्रत्येक दिन दफ्तर खुलने के बाद सुबह 11.30 बजे और दोपहर बाद चार बजे सभी लोग छह मिनट तक योगाभ्यास करते हैं। इसके लिए विभाग द्वारा छह मिनट का एक वीडियो जारी किया गया है।


 पूर्णिया के विद्युत अधीक्षणअभियंता सीताराम पासवान ने बताया कि  शायद देश का यह पहला दफ्तर है, जहां ड्यूटी के समय हर दिन दो बार योगाभ्यास किया जा रहा है। उन्होंने इसका सारा श्रेय ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के मुख्य प्रबंध निदेशक प्रत्यय अमृत को देते हुए कहा कि उनकी पहल पर आज हर कर्मी योग करने को तैयार है।


उन्होंने बताया कि प्रधान सचिव द्वारा छह मिनट का एक वीडियो भी उपलब्ध कराया गया है, जिसके सहारे योगाभ्यास किया जाता है।उन्होंने बताया कि योग से कर्मी काफी खुश और संतुष्ट दिखे। उनका कहना है कि योग से काफी लाभ हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इससे अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ जाती है। योग लोगों को फिट तो रखता ही है, साथ ही आंतरिक शांति के साथ-साथ काम में एकाग्रता भी लाता है।


उन्होंने कहा कि यहां विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता व कार्यपालक अभियंता कार्यालयों में यह अभ्यास दैनिक कार्यो की तरह किया जा रहा है। इन कार्यालयों में करीब 70 अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं।सहायक अभियंता (असैनिक) प्रीति कुमारी भी मानती हैं कि योग करने से कार्यक्षमता तो बढ़ती ही एकाग्रता भी आती है।


उन्होंने कहा कि योग वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी काफी लाभप्रद है। एक अधिकारी ने कहा कि बिहार योग के लिए हमेशा से चर्चित रहा है। मुंगेर का योग विद्यालय योग से संबंधित शिक्षण-प्रशिक्षण का अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त विश्वविद्यालय है। यह विश्व का प्रथम योग विश्वविद्यालय है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था सभी सरकारी कार्यालयों में लागू होनी चाहिए।
 
विद्युत विभाग के इस कार्यालय में सफाई पर भी जोर दिया गया है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है तथा कई प्रकार के जर्जर मशीनों के खराब होने पर उनसे निकले प्लास्टिक को भी एकत्र कर अलग एक कमरे में रखा जा रहा है। अधीक्षण अभिसंता कार्यालय के बाहर बहुत ही आकर्षक डस्टबिन बनाया गया है, जिसमें दो बॉक्स बनाए गए हैं। एक बॉक्स में प्लास्टिक कूड़ा और दूसरे में अन्य कूड़ा फेंकने के लिए लिखा हुआ है।