बुधवार, 1 जनवरी 2020

भारत-पाकिस्तान में कैदियों, परमाणु प्रतिष्ठानों की सूचियों का आदान-प्रदान 


नई दिल्ली (स्वतंत्र प्रयाग) : भारत ने पाकिस्तान को देश में कैद उसके नागरिकों की सूची आज सौंपी और पाकिस्तान की जेलों में बंद भारतीय कैदियों की मानसिक हालत की जांच के लिए भारतीय डॉक्टरों की टीम, संयुक्त न्यायिक समिति तथा कराची में निरुद्ध 22 भारतीय मछुआरों की नौकाओं को छुड़ाने के लिए चार सदस्यीय टीम की पाकिस्तान यात्रा की अनुमति देने की मांग की। भारत एवं पाकिस्तान के बीच 2008 के समझौते के अनुसार प्रति वर्ष एक जनवरी एवं एक जुलाई को दोनों देश अपने यहां कैद एक दूसरे के कैदियों की सूचियों का राजनयिक माध्यम से आदान प्रदान करते हैं। इसी के अनुरूप भारत ने पाकिस्तान को आज सूचित किया कि उसके यहां 267 पाकिस्तानी नागरिक एवं 99 मछुआरे कैद हैं। 
पाकिस्तान ने बताया कि उसके यहां 55 भारतीय नागरिक और 227 मछुआरे कैद हैं। सरकार ने पाकिस्तान से मांग की कि भारतीय नागरिकों, लापता भारतीय सैनिकों और मछुआरों एवं उनकी नौकाओं की जल्द से जल्द रिहाई की जाये। भारत ने चार भारतीय नागरिकों, 126 मछुआरों को तुरंत रिहा करने को कहा जिनकी नागरिकता स्पष्ट हो चुकी है। पाकिस्तान से 100 मछुआरों एवं उन 14 कैदियों से राजनयिक संपर्क देने की भी मांग की गयी है जिनके बारे में माना जाता है कि वे भारतीय नागरिक हो सकते हैं। सरकार ने पाकिस्तान से यह भी मांग की कि वह उसकी जेलों में बंद भारतीय कैदियों की मानसिक हालत की जांच के लिए भारतीय डॉक्टरों की टीम, संयुक्त न्यायिक समिति तथा कराची में निरुद्ध 22 भारतीय मछुआरों की नौकाओं को छुड़ाने के लिए चार सदस्यीय टीम को पाकिस्तान यात्रा की अनुमति प्रदान करे। सरकार ने यह भी कहा कि भारत सरकार पाकिस्तान के कैदियों से जुड़े सभी मानवीय मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए पाकिस्तान से यह आग्रह भी किया कि वह मछुआरों सहित 82 पाकिस्तानी कैदियों की नागरिकता की पुष्टि की प्रक्रिया को पूरी करने के लिए आवश्यक कदम उठाये ताकि उन्हें स्वदेश भेजा जा सके। कैदियों की सूचियों के अलावा दोनों देशों ने राजनयिक चैनलों से अपने अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूचियों का भी आदान प्रदान किया जो दोनों देशों के बीच परमाणु ठिकानों पर हमलों के निषेध समझौते के अंतर्गत आते हैं। यह समझौता 31 दिसंबर 1988 में हुआ था और 27 जनवरी 1991 को क्रियान्वित किया गया था जिसके तहत हर साल एक जनवरी को परमाणु प्रतिष्ठानों की सूचियों का आदान प्रदान किया जाता है। यह 29वीं बार आदान प्रदान किया गया।


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