बीजेपी पर शशि थरूर ने किया करारा प्रहार ,मौजूदा सरकार की प्राथमिकता विकास नहीं हिंदू राष्ट्र बनाने की


कोलकाता (स्वतंत्र भारत)कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बुधवार को कहा कि विकास का कोई एजेंडा नहीं होने के चलते भारतीय जनता पार्टी अब एक “हिंदू राष्ट्र” बनाना चाहती है। उन्होंने कोलकाता साहित्य सम्मेलन में दावा किया कि असली “टुकड़े-टुकड़े गैंग” सत्ताधारी पार्टी है, जो देश को टुकड़ों-टुकड़ों में बांट रही है। थरूर ने दावा किया, “सत्ताधारी पार्टी के एजेंडे में विकास नहीं है, इसलिए ये हिंदू राष्ट्र बनाने के अपने एजेंडे को पूरी तरह लागू कर रही है।”


मौजूदा सरकार का शासन अंग्रेजों की तरह



कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मौजूदा केंद्र सरकार के पास विकास की मानसिकता ही नहीं है। उन्होंने कहा, “असली टुकड़े-टुकड़े गैंग सत्ताधारी पार्टी है, जो देश को टुकड़ों-टुकड़ों में बांट रही है। बांटो और राज करो की तर्ज पर पार्टी हमें उसी तरह बांट रही है, जैसा कि ब्रिटिश राज में किया गया।” “टुकड़े-टुकड़े गैंग” इस शब्दावलि का इस्तेमाल अक्सर दक्षिणपंथी दल की तरफ से विपक्ष पर हमला करने के लिए किया जाता है, खासतौर से वापपंथी दलों और समर्थित संगठनों के लिए।


महात्मा गांधी ने सर्वसमाज की बात की 



उन्होंने कहा, “क्या राष्ट्रीयता का आधार धर्म होना चाहिए? महात्मा गांधी ने एक धर्मनिरपेक्ष (सर्वसमाज) भारत की बात की, पाकिस्तान की तरह नहीं जो इस्लामिक देश बन गया।” थरूर ने कहा, “हमारा संविधान सभी के लिए गरिमा और सम्मान को दर्शाता है। संविधान इसे दर्शाता है और साथ ही उसने धर्म आधारित नागरिकता के विचार को अनिवार्य रूप से खारिज किया है।” उन्होंने कहा कि भारत में पहली बार नागरिकता तय करने के लिए धर्म को आधार माना जा रहा है और एक धर्म, इस्लाम को इससे बाहर रखा जा रहा है।


तुगलकी फरमान


उन्होंने कहा, “हम भारत के नागरिक हैं, यह साबित करने की जिम्मेदारी हमारे ही ऊपर होगी।” उन्होंने कहा कि भाजपा नेता हमेशा स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण का जिक्र करते हैं जिसमें सभी धर्मों के लोगों को बहनों और भाइयों कहकर संबोधित किया गया था, लेकिन भाजपा ने इसे छह धर्मों और तीन देशों तक सीमित कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने तुगलकी अंदाज में नोटबंदी लागू की और अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया। उन्होंने कहा कि देश में भारी बेरोजगारी है, किसान आत्महत्या कर रहे हैं और महंगाई बढ़ रही है।