बारा पावर प्लांट से दूषित पानी किसानों के खेतों में बहने से किसानों की फसल हो रही बर्बाद

                    


प्रयागराज,(स्वतंत्र प्रयाग) आरोपित है कि बारा तहसील के मिश्रापुरवा के पास प्रयागराज  पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड द्वारा दूषित पानी लोहगरा नहर के नीचे से बह रहा है जिससे क्षेत्र के लोहगरा, कुंडा ,भोंडी मोरी ताल तथा पाल बस्ती भेलाओं आदि जगहों से यह पानी पावर प्लांट से सीधे किसानों के खेतों से बहता जा रहा है।
 


किसानों का आरोप है कि यह पानी केमिकल युक्त है जिस खेत से बहता है केमिकल से पूरी फसल बर्वाद हो जाती है। इस केमिकलयुक्त पानी के बहाव से क्षेत्र के सैकड़ो एकड़ जमीन की फसल चौपट होने के कगार पर है किसानों का यह भी कहना है की यह पानी इतना खतरनाक है कि जिस भी खेत से बहेगा फसल तो बर्बाद करेगा ही साथ मे आगे की फसल को भी नुकसान पहुचायेगा।
 


खेत फसल तैयार नही हो पाएगी एक तरफ किसानों को प्रकृति  की मार दूसरी तरफ अन्ना पशु नीलगाय और किसानों के लिए यह नया पहाड़ टूट पड़ा है। किसानों ने यह भी बताया कि जब यह पावर प्लांट बना था तो तरह तरह प्रलोभन किसानों को दे कर पावर प्लांट तैयार कर लिया गया। किसानों ने विरोध भी किया लेकिन उनकी कोई सुनवाई नही हो पाई ।


अब सबसे बड़ा सवाल यहां है की  किसानों का आरोप भी है कि तहसील के अधिकारियो से अगर शिकायत भी किया जाय तो कोई सुनवाई नही होगी  तहसील के उपजिलाधिकारी बारा तथा क्षेत्राधिकारी बारा का आवास भी प्लांट ने बना दिया है। उपजिलाधिकारी बारा का निवास तहसील मुख्यालय में बना है किंतु वहाँ अपने आवास में न रहकर उपजिलाधिकारी बारा तथा क्षेत्राधिकारी बारा कभी भी अपने आवास पर नही रुकते है।


पावर प्लांट में आवास बनाये हुए है वजह यह है कि पावर प्लांट में चौबीसों घंटे बिजली की आपूर्ति आदि सुविधा का होना है। इन अधिकारियो को जनता की समस्या से क्या लेना देना इनको तो सिर्फ अपने ही सुविधा से मतलब है।
 एक किसान ने नाम न छापने पर बताया कि तहसील के अधिकारियो से शिकायत का कोई मतलब ही नही है।


इसका महज अंदाज ही लगाया जा सकता है कि पावर प्लांट में आवास है तो कार्यवाही होना असंभव है इस क्षेत्र के किसानों ने जिलाधिकारी प्रयागराज से खराब हो रही फसल को बर्बाद होने से बचाने की गुहार लगाई है।