सोमवार, 30 दिसंबर 2019

योगी भगवा वस्त्र धारण करतेंं हैंं ,धर्म का पालन करना सीखें, प्रियंका गांधी वाड्रा ने रखी ये 4 मांगे

 



लखनऊ(स्वतंत्र प्रयाग) यूपी दौरे के आखिरी दिन सोमवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रेस कांफ्रेंस कर योगी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, बीते दिनों प्रदेश में नागरिकता कानून और एनआरसी को लेकर हुईं हिंसा में पुलिस ने मासूम लोगों को पीटा। सीएम योगी कहते हैं बदला लिया जाएगा। उनके इसी बयान पर यूपी पुलिस काम भी कर रही है। हिंदुस्तान की आबोहवा में बदले और हिंसा की कोई जगह नहीं न ही सनातन धर्म मे। भगवान श्रीकृष्ण ने कभी बदले की बात नहीं की। सीएम योगी भगवा वस्त्र पहनते हैं, जो हिन्दू धर्म का प्रतीक है लेकिन उस धर्म में रंज, हिंसा और बदले की भावना की कोई जगह नहीं है ।मैं बता दूं ये आपका वस्त्र नहीं है। भगवा तो हिंदुस्तान की धार्मिक आस्था का प्रतीक है, उस धर्म का पालन करना सीखिए। साथ ही उन्होंने कहा, जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां एनआरसी लागू नहीं होगी। 




वहीं प्रियंका ने कहा , दारापुरी के गिरफ्तारी के साथ ही साथ प्रदेश में हुई हिंसा के बाद करीब 5500 लोग हिरासत में लिए गए, 1100 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। कई ऐसे हैं लोग है , जिन्हें गुमनाम तरीके से जेल में डाल दिया गया। लखनऊ में 77 साल के रिटायर्ड ऑफिसर एस.आर. दारापुरी को घर से गिरफ्तार किया गया, जो अंबेडकरवादी हैं। उन्होंने प्रदर्शन को लेकर एक फेसबुक पोस्ट डाली थी, प्रदर्शन कर रहे लोगों से शांति की अपील की थी। लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मैं उनके घर गई थी। वहां पर जाते ही किसी को भी पता चल जाएगा कि दारापुरी कितने साधरण इंसान है। उनके घर में हर जगह किताबें नजर आती है। 



प्रियंका ने कहा, लखनऊ में हिंसा के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता सदफ जफर को गिरफ्तार कियागया ।जबकि वो तो सड़क पर खड़े होकर सिर्फ वीडियो बना रही थीं। मैं उनके घर गई थी। 10 साल का बेटा, 16 साल की बेटी आज अकेली रह रहे हैं। वहीं, बिजनौर में दो मासूम युवकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। एक युवक सुलेमान यूपीएससी की तैयारी कर रहा था।


प्रियंका गांधी ने प्रेस कान्फ्रेंस में प्रमुखता से रखी ये 4 मांग 


1- पुलिस अपने रवैये को सुधारे।  
2-  मौजूदा हाईकोर्ट जज या रिटायर्ड जज की निगरानी में यूपी में हुई हिंसा मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
3- जब तक आरोप साबित नहीं हो जाते तब तक लोगों की प्रॉपर्टी को जब्त न किया जाए। बता दें, हिंसा के बाद सीएम योगी ने कहा था कि उपद्रवियों की संपत्ति जब्त कर नुकसान की भरपाई की जाएगी। 
4 - शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ केस दर्ज न किया जाए।


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