मंगलवार, 17 दिसंबर 2019

सीएए से देश में हालात बहुत गंभीर , केन्द्र सरकार आम लोगों की आवाज़ों को दबा रही,-: सोनिया गांधी


नई दिल्ली (स्वतंत्र प्रयाग) कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में कई विपक्षी दलों के नेताओं ने आज नागरिकता कानून के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पुलिस कार्यवाही सहित देशभर के कई शहरों में हुए प्रदर्शनों को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। भारतीय संचार माध्यमों के अनुसार इस देश के विपक्षी दलों ने जामिया मिल्लिया के छात्रों पर रविवार को हुई पुलिसिया कार्रवाई के मामले में न्यायिक जांच की मांग की है।


 कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार लोगों की आवाज दबा रही है और ऐसे कानून ला रही है जो उन्हें स्वीकार्य नहीं है। संशोधित नागरिकता कानून और जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को ज्ञापन देने गए विपक्षी शिष्टमंडल का नेतृत्व सोनिया गांधी कर रही थीं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि हालात काफी गंभीर है। 



विभिन्न विपक्षी नेताओं के साथ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग करके शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर पुलिस ने जिस ढंग से कार्रवाई की, उससे वे काफी दुखी हैं।  सोनिया गांधी ने कहा कि पुलिस, जामिया मिल्लिया इस्लामिया में महिला हॉस्टल में भी घुस गई और वहां उसने छात्रों की निर्ममता से पिटाई की।  विपक्ष के नेताओं ने सोमवार को कहा था कि वे पुलिस की कार्रवाई तथा नागरिकता कानून में संशोधन के विषय पर राष्ट्रपति के साथ मिलकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।


इसी बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसकी तुलना जलियांवाला बाग से की है। उन्होंने कहा कि जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में जो हुआ वह जलियांवाला बाग की तरह है।  उन्होंने कहा कि छात्रों में युवा बम जैसी ताकत है। हम केंद्र सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह छात्रों के साथ जो कर रही है वैसा न करें। 


उल्लेखनीय है कि दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पुलिस कार्रवाई और विवादास्पद नागरिकता (संशोधन) कानून के खिलाफ भारत के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।  इन जनप्रदर्शनों का समर्थन, नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी करते दिखाई दे रहे हैं। कहीं-कहीं पर यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे तो कहीं इन्होंने हिंसक रूप ले लिया।


जामिया मिल्लिया के के छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और नागरिकता कानून के खिलाफ गुस्से का असर उत्तर प्रदेश से लेकर केरल और महाराष्ट्र से लेकर पश्चिम बंगाल तक पूरे भारत में में देखा जा रहा है।


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