सोमवार, 9 दिसंबर 2019

प्बीएचयू में डाॅ. फिरोज खान का विरोध कर रहे छात्रों ने दलित प्रोफेसर पर किया हमला


 बनारस(स्वतंत्र प्रयाग)लखनऊ बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में डाॅ. फिरोज खान की नियुक्ति पर विवाद अभी थमा नहीं है। एक बार फिर से यह मुद्दा गरमा गया है। डाॅ. फिरोज खान की नियुक्ति के विरोध पर अड़े छात्रों ने सोमवार को विश्वविद्यालय के एक दलित प्रोफेसर शांतिलाल सालवी को हमला करने के लिए दौड़ा लिया।


संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के प्रोफेसर ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। छात्रों ने मंगलवार से होने वाली परीक्षा का बहिष्कार करते हुए संकाय में कामकाज भी बंद करा दिया। इस घटना के बाद प्रोफेसर के समर्थन में लामबंद दर्जनों छात्र कुलपति से मिलने पहुंचे। हालांकि कुलपति से उनकी मुलाकात नहीं हो पायी।


बता दें कि बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में मुस्लिम विद्वान डाॅ. फिरोज खान की नियुक्ति के विरोध में छात्र काफी समय से आन्दोलन कर रहे हैं। सोमवार को छात्रों ने 10 दिसंबर से शुरू हो रहीं संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय की परीक्षाओं का बहिष्कार करते हुए काम-काज बंद करा दिया।


इसी बीच विभागाध्यक्ष उमाकांत के साथ शांतिलाल सालवी संकाय से बाहर निकल रहे थे। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने प्रो. शांतिलाल को डाॅ. फिरोज खान का समर्थक बताते हुए गाली दी और मारने के लिए दौड़ा लिया।


ऐसे हमले के बारे में कभी सोचा भी नहीं था…
अचानक हमले से घबराए प्रो. शांतिलाल भागने लगे। एक छात्र की मदद से वह सेंट्रल ऑफिस पहुंचे, लेकिन वहां कुलपति उपस्थित नहीं थे। कुलपति ने प्रो. शांतिलाल से मिलने के लिए शाम 5 बजे का समय दिया है। घटना के बाद मीडिया से बात करते हुए प्रो. ने कहा कि हमने कभी सोचा भी नहीं था कि जिन छात्रों को पढ़ाते हैं, वही हम पर हमला कर देंगे।


प्रो. शांतिलाल ने कहा कि कुलपति से शिकायत के बाद इन छात्रों के खिलाफ पुलिस कम्प्लेन भी करूंगा।10 दिसंबर से प्रस्तावित परीक्षाएं फिर स्थगितछात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए बीएचयू को एक बार फिर संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय की सेमेस्टर परीक्षाओं को टालना पड़ा है। परीक्षाओं का आयोजन पहले 5 दिसंबर से होना था। लेकिन छात्रों के विरोध के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने 29 नवंबर को परीक्षाओं के कार्यक्रम में बदलाव करते हुए 10 दिसंबर कर दिया था।


लेकिन सोमवार को छात्रों का विरोध प्रदर्शन को देखते हुए बीएचयू ने अगले आदेश तक के लिए परीक्षाएं टाल दी हैं। बीएचयू प्रशासन ने छात्रों को समझाने का भी प्रयास किया लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। बवाल और विरोध के बीच बीएचयू के आयुर्वेद विभाग ने सोमवार को डाॅ. फिरोज की नियुक्ति का पत्र भी जारी कर दिया है।


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