नई पेंशन स्कीम में कर्मचारियों को तोहफा अपना हिस्सा बढ़ाएगी पंजाब सरकार, कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसलों पर लगीं मुहर 

चंडीगढ़ (स्वतंत्र प्रयाग): पंजाब मंत्रिमंडल ने 'द पंजाब विलेज कॉमन लैंड्ज़ (रेगुलेशन) रूल्ज, 1964 Ó में संशोधन करने की सैद्धांतिक तौर पर मंज़ूरी दे दी है जिससे राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण इलाकों में 'लैंड बैंक' कायम किए जा सकें। इस आशय का फ़ैसला मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।


बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इसी प्रकार पंजाब के विभिन्न सरकारी कर्मचारी संगठनों की मांग को मंजूरी देते हुए प्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार के फ़ैसले की तर्ज पर नई पैंशन स्कीम के तहत कर्मचारियों के लिए एक अप्रैल, 2019 से अपना हिस्सा बढ़ाने का फ़ैसला किया है। मंत्रिमंडल ने प्राथमिक वेतन और महँगाई भत्तों के 10 प्रतिशत के बराबर उसकी तरफ से डाले जाने वाले योगदान को बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है।


यह फ़ैसला केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाओं संबंधी विभाग द्वारा 31 जनवरी, 2019 को जारी किये गए नोटिफिकेशन से सम्बन्धित है।मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि बैठक ने मृत्यु-कम -सेवा मुक्ति ग्रैच्युटी का लाभ सभी कर्मचारियों को देने की मंजूरी दे दी है जिनमें 1 जनवरी, 2004 को या उसके बाद नयी पैंशन स्कीम के दायरे में आने वाले कर्मचारी भी शामिल होंगे।


पुरानी पैंशन स्कीम के अंतर्गत दिए जाने वाले लाभ की तर्ज पर 1 जनवरी, 2004 को या उसके बाद भर्ती हुए कर्मचारियों में से किसी भी कर्मचारी की नौकरी के दौरान मृत्यु हो जाने पर उसके आश्रितों को अनुग्रह राशि का लाभ देने को अमल में लाने की अनुमति देने की मंजूरी दे दी है।
प्रदेश सरकार के कुल 3,53,074 कर्मचारियों में से 1,52,646 कर्मचारी नयी पैंशन स्कीम के तहत कवर होते हैं।


साल 2018 -19 के दौरान पंजाब सरकार द्वारा कर्मचारियों के प्राथमिक वेतन जमा डी.ए. का 10 प्रतिशत सालाना योगदान में से 585 करोड़ रुपए अदा किये गए हैं और वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान 645 करोड़ रुपए अदा किये जाने की संभावना है । इससे मौजूदा योगदान 645 करोड़ रुपए के अलावा मैचिंग योगदान का विस्तार होने पर 258 करोड़ रुपए का वित्तीय बोझ पड़ेगा।



उद्योग विभाग और पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कार्पोरेशन (पी.एस.आई.ई.सी.) को औद्योगिक प्रोजैक्टों के लिए शामलात ज़मीन उपलब्ध करवाने के लिये 'द पंजाब विलेज कॉमन लैंड्ज़ (रैगूलेशन) रूल्ज, 1964Ó में नियम 12-बी शामिल करने के लिए मंजूरी दी गई है। इससे शामलात ज़मीन की कीमत बढ़ेगी और ग्राम पंचायतों को ग्रामीण विकास में तेज़ी लाने में सहायता मिलेगी।


इस संशोधन का उद्देश्य पंचायतों को शामलात ज़मीनों की कीमतों से गाँवों के विकास को उत्साहित करने में सुविधा मुहैया करावाना है। इस नये नियम के साथ शामलात ज़मीन औद्योगिक प्रोजैक्टों के लिए औद्योगिक विभाग और पंजाब लघु उद्योग और निर्यात निगम को तबदील की जा सकेगी।


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