मेला तक बिना अनुमति के अधिकारी नहीं छोड़े मुख्यालय


प्रयागराज (स्वतंत्र प्रयाग): लखनऊ तीर्थराज प्रयाग में पतित पावनी गंगा,श्यामल यमुना और अदृश्य सरस्वती के किनारे खुले आसमान के नीचे रेती पर 42 दिनों तक टेंट में बसने बसने वाले आध्यात्मिक माघ मेला 2020 की तैयारियों में प्रशासनिक अधिकारी बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे।


आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि मंडलायुक्त आशीष कुमार गोयल ने शनिवार को हुई माघ मेले की तैयारियों की बैठक में मेला पूरा होने तक सभी अधिकारियों को बिना पूर्व सूचना के मुख्यालय नहीं छोड़ने का आदेश दिया है।



उन्होने बताया कि माघ मेले की तैयारियों के पिछड़ने के कारण उसे गति देने के लिए यह निर्णय लिया गया है। यदि किसी भी अधिकारी को आवश्यक काम के लिए बाहर हाना होगा तो उसे पूर्व में सूचना देनी होगी।उन्हाेंने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया है कि उनके बाहर जाने के बाद किसी दूसरे अधिकारी को उस स्थान पर नियुक्त कर काम की गति बरकरार रखी जाये।


उन्होने मेले के बसने से पहले राजमार्गों के सभी गढ्ढों को पाटने के साथ काम को समय सीमा में कराने का निर्देश दिया। उन्होने कहा कि अनावाश्यक सडकों को बन्द करने और बैरियर नहीं लगाये जाने चाहिए। गौरतलब है कि माघ मेला का पहला स्नान 10 जनवरी पौष पूर्णिमा को होगा और अंतिम स्नान 21 फरवरी महाशिवरात्रि को होगा। मेले में दुनिया के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ विभिन्न संस्कृतियों और भाषाओं का एक ही स्थान पर संगम होता है।