मंगलवार, 24 दिसंबर 2019

मनरेगा श्रमिकों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, अब पंद्रह दिन में नहीं दी मजदूरी तो मिलेगा मुआवज़ा 


लखनऊ (स्वतंत्र प्रयाग): उत्तर प्रदेश सरकार ने मनरेगा मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्हें प्रतिदिन 182 रुपये की दर से 15 दिन के अंदर भुगतान किया जाएगा। सरकार ने श्रमिकों के भुगतान में देरी होने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन में .05 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया है जो मुआवजे के तौर पर मजदूरों को दी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोकभवन में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी।राज्य सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा और सिद्धार्थनाथ सिंह ने मंत्रिमंडल के फैसलों का ब्योरा देते हुए कहा कि दो नए मेडिकल कॉलेजों के लिए एटा और हरदोई के वर्षो पुराने जर्जर जिला अस्पताल के भवनों को धवस्त किया जाएगा। इसके लिए क्रमश: 96.55 लाख और 1.65 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। लखनऊ की मोहनलालगंज, महाराजगंज की पड़तावल और तनियारा, जौनपुर की गौराबादशाहपुर, कानपुर देहात की राजपुर, आजमगढ़ की जहानागंज, कुशीनगर की तमकुहीराज, अलीगढ़ की मेहराव और सुल्तानपुर की लम्भुआ तहसीलों को नगर पंचायत बनाया जाएगा।


गोरखपुर में जिला न्यायालय में 24 कोर्ट रूम बनेंगे। इसके लिए 48 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। राजधानी लखनऊ के गोमतीगनर में स्थित न्यायायिक प्रशिक्षण संस्थान में एसी लगवाने के लिए 3.72 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। बुंदेलखंड के सात जिलों (बांदा, झांसी, चित्रकूट, जालौन, हमीरपुर, ललितपुर और महोबा) और विंध्य के (सोनभद्र और मिर्जापुर) दो जिलों के लिए पाइप पेयजल योजना शुरू होगी। कार्यदायी संस्था ही 10 वर्ष तक इसका रखरखाव भी करेगी।आगरा और शाहजहांपुर की नगर निगम सीमा के विस्तार का प्रस्ताव पारित। हाथरस, महाराजगंज की आनंद नगर और अम्बेडकर नगर की जलालपुर नगर पालिका परिषद के सीमा का होगा विस्तार। मंत्रिमंडल में सुल्तानपुर के गंगवा गांव को नगर पंचायत बनाए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया। श्रम विभाग की राज्य सेवा योजन अधिकारी नियमावली में संसोधन के प्रस्ताव पर भी मंत्रिमंडल ने मुहर लगाई है।


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