रविवार, 29 दिसंबर 2019

माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश  के बाद भी बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र के चल रहे है क्रेसर प्लाण्ट

       


प्रयागराज (स्वतंत्र प्रयाग) बताते की माननीय सर्वोच्च न्यायालय तथा नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल (यन जी टी) ने प्रदूषण पर्यावरण के रोक लगाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार तथा अन्य प्रदेशों को आदेशित किया था कि  पर्यावरण के रोक के लिए कहि प्रदूषण न फैले इसके लिए प्रलय जलाने तक कि रोक के आदेश पारित किए थे ।


प्रयागराज जनपद में माननीय न्यायालय तथा यन जी टी के नियमो तथा आदेशो की परवाह न करते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की खुलेआम अवहेलना करते हुए खुलेआम क्रेसर प्लांट चलवाये जा रहे है ज्यादातर क्रेसर प्लांट के पास न तो वायु प्रदूषण जल प्रदूषण किसी विभाग की यन ओ सी अनापत्ति प्रमाण पत्र नही है।



स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मिलीभगत तथा स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से चल रहे है जिससे पर्यावरण का खतरा बना हुआ है विगत दिनों जल संरकचन को देखते यन जी टी ने शंकरगढ़ में अवैध सिलिका सैंड के प्लांट पर जुर्माना लगाया था किंतु सिलिका प्लांट के अलावा प्रयागराज जनपद के मेजा तथा कोहड़ा पहाड़ियों पर सैकड़ो क्रेसर प्लांट चल रहे है।


जिनके पास अनापति प्रमाण पत्र नही है धडल्ले से रातो दिन चल रहे है कोई भी अधिकारी तथा खनन विभाग जांच करने की कोसिस नही करते है । यही नही बारा तहसील में तो तहसील मुख्यालय से चंद दूरी पर बिना अनापति प्रमाण पत्र के कई क्रेसर प्लांट चल रहे है उपजिलाधिकारी बारा के संज्ञान में भी कई बार लोगो ने जानकारी कराया किन्तु उपजिलाधिकारी बारा भी सब कुछ जानते हुए इन क्रेसर प्लांट के खिलाफ कोई कार्रवाई नही कर रहे है ।


इतना ही नही ये क्रेसर प्लांट तो अवैध है ही साथ ही अवैध खनन करके गिट्टी पत्थर की तुड़ाई करते है सब कुछ जानते हुए अधिकारी तथा स्थानीय पुलिस मौन है । माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने प्रमुख सचिव  उत्तर प्रदेश को इस पर कड़ी टिपणी करते हुए कहा था कि घुट घुट के मरने से तो  अब बात जो भी हो यह तो अधिकारी जाने किन्तु माननीय सर्वोच्च न्यायालय तथा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशो की खुलेआम अवहेलना हो रही है।


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