माननीय न्यायालय के आदेशों की खुलेआम की जा रही अवहेलना ,नहीं रूक रहा बारा तहसील में ओवरलोडिंग व अवैध खनन

 


 




प्रयागराज (स्वतंत्र प्रयाग) बारा लालापुर जहाँ एक तरफ सरकार प्रतिदिन नया नियम लागू कर ओवरलोड रोकने का प्रयास कर रही है वही दूसरी तरफ परिवहन विभाग ओवरलोड परिवहन को बढ़ावा दे रहे है बता दे कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद राज्य सरकार ने ओवरलोड पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है किंतु प्रयागराज जनपद में ऐसा नही है यहां परिवहन विभाग के आर टी ओ खुद ओवरलोड ट्रक चलवाते है ।


प्रयागराज जनपद के बारा तहसील के बारा थाना तथा लालापुर थाना में लगभग दर्जनों क्रेसर प्लांट बिना कागज पत्तर के बेरोक टोक चल रहे है , जहाँ प्रतिदिन सैकड़ो ट्रक ओवरलोडिंग करके रात में धड़ल्ले से जा रहे है कोई रोकने वाल नही है अकेले बारा तहसील से ओवरलोड सैकड़ो ट्रक निकलते है । जिसमे सरकार का प्रतिदिन ओवरलोडिंग का जो जुर्माना लाखो में होता है परिवहन विभाग की मिलीभगत या यूं कहा जाए कि लापरवाही से राजस्व का नुकसान हो रहा है कोई भी रोकने वाला नही है ।


जबकि केंद्र सरकार नए नियम लागू करके ओवरलोडिंग पर पूरी तरह से रोक लगा दिया है । राज्य सरकार का भी रूख काफी सख्त है किन्तु परिवहन विभाग वो लोकल प्रशाशन अपनी मर्जी से ओवरलोड चला रहा है केंद्रीय परिवहन मंत्री ने देश मे हो रहे दुर्घटना को देखते हुए ओवरलोड ट्रक को प्रतिबंधित कर दिया है । एक सर्वे के अनुसार आंकड़े यह बता रहे है कि ज्यादा ओवरलोडिंग से दुर्घटनाएं होती है। माननीय न्यायालय ने भी ओवरलोडिंग पर रोक लगा दिए है, किंतु प्रयागराज में ऐसा नही हो पा रहा है ।


सरकार ने सभी मोरंग तथा बालू खदानों पर कांटा लगवा दिए है कि किसी भी दसा में अवैध खनन ओवरलोडिंग नही होगी ,किन्तु बारा की पहाड़ियों पर लगे क्रेसर प्लांट एवं बालू खदानों से स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से पट्टेधारक खुद जिनके पासखुद की अपनी ट्रक है उससे खुलें रूप से अवैध खनन करके ओवरलोडिंग अपनी ट्रको में तो करते ही है ,साथ ही साथ दूसरे ट्रको में भी ओवरलोडिंग कर रहे है जबकि योगी सरकार पूरी तरह से अवैध खनन करने तथा ओवरलोडिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी करवाई करने के आदेश जारी किया है ।


लेकिन इसके लिए जिम्मेदार सरकारी तंत्र को कोई फर्क ही नही पड़ता है। स्थानीय प्रशासन सरकार तथा माननीय न्यायालय के आदेशो की खुलेआम धज्जिया उड़ा रहे है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी बारा से भी बात की गई तो उनका भी गोल मोल जबाब मिला, कभी कभार एकाध ट्रक पकड़ कर बैंड करके अपना कर्तब्य पूरा करके संत बैठ जाते है। कभी प्रयागराज जनपद में करोड़ो रूपये का राजस्व मात्र यमुनापार से होता था ,किंतु आंकड़ो पर जय तो यहां का भी राजस्व दिन पर दिन घटता जा रहा है ।



जिसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि ओवरलोडिंग और अवैध खनन पर प्रशासन की लापरवाही ही है, किंतु विभाग तथा प्रसनिक अधिकारी इस पर ध्यान ही नही दे रहे है। जिससे सरकार का करोड़ो रूपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है साथ ही माननीय न्यायालय के आदेशों की अवहेलना खुलेआम हो रही है अगर समय रहते इस पर कार्यवाही न हुई। तो सरकार के राजस्व जो करोड़ो में होते है घाट जाएगा । अब बात जो भी हो यह तो अधिकारी ही जाने किन्तु ओवरलोडिंग खुलेआम हो रही है?