कुमाऊं, नैनीताल में हुआ मौमस का पहला हिमपात



नैनीताल (स्वतंत्र प्रयाग): उत्तराखंड के कुमाऊं और नैनीताल में शुक्रवार को मौसम का पहला हिमपात हुआ। कुमाऊं की ऊंची पहाड़ियां बर्फ से लकदक हो गयी हैं। पहाड़ों के राजा नैनीताल में भी मौसम का पहला हिमपात देखने को मिला है। इसके साथ पहाड़ों में हाड़ मास कंपा देने वाली ठंड पड़ने लगी है। बर्फ से सैलानियों के चेहरे खिल गये हैं। हालांकि इससे स्थानीय लोगों की मुसीबतों में इजाफा हो गया है।


मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार उत्तराखंड में गुरूवार को मौसम ने करवट ली। पूरे दिन मौसम बदला बदला नजर आया। तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गयी। शाम तक तापमान में और गिर गया। शुक्रवार सुबह जब लोग जागे तो कुमाऊं की पहाड़ियां बर्फ की सफेद चादर ओढी हुईं थीं।


ऊंचाई वाले इलाकों को छोड़कर यहां यह मौसम का पहला हिमपात हुआ। पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर और चंपावत जिलों में भी बरसात के साथ ही हिमपात देखने को मिला। ऊंचाई वाले इलाकों में काफी घना तो नीचे इलाकों में कम हिमपात हुआ है।


सरोवरनगरी नैनीताल में भी शुक्रवार को मौसम का पहला हिमपात देखने को मिला। शहर के चाइना पीक, टिफिन टॉप, लड़िया कांटा, किलबरी इलाकों में काफी हिमपात हुआ है जबकि निचले इलाकों में कम हिमपात देखने को मिला है। जानकारों का मानना है कि दिसंबर के दूसरे सप्ताह में पिछले कई सालों बाद हिमपात देखने को मिला है।


नैनीताल के पहाड़ियां व पेड़ सुबह बर्फ से लकदक मिले। हालांकि बरसात ने अधिक देर तक बर्फ को टिकने नहीं दिया और बारिश के साथ ही हिमपात बह गया।नैनीताल के आसपास के क्षेत्रों भीमताल, रामगढ़, मुक्तेश्वर, गागर एवं किलबरी में भी हिमपात हुआ है। इससे यहां आने वाले सैलानियों के चेहरे खिल गये हैं। पर्यटक सुबह ही बाहर निकल गये और उन्होंने बर्फवारी का आनंद लिया।


खूब फोटो खिंचवाये। बर्फवारी से स्थानीय लोगों की मुसीबतें भी बढ़ गयी हैं। बर्फ के चलते पानी और बिजली खबर लिखे जाने तक गायब हो गयी। रास्ते बर्फ से अटे होने के चलते आने जाने वालों को दिक्क्त उठायी पड़ी।पिथौरागढ़ में पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर चट्टान गिरने से मार्ग बंद हो गया। इसके अलावा अन्य मार्गों पर भी मलबा आ गया। बिजली की लाइनों में पेड़ गिरने से काफी जगह विद्युत आपूर्ति बाधित रही।


इसके साथ ही पूरे पहाड़ को ठंड ने अपने आगोश में ले लिया है। तापमान काफी नीचे चला गया है जिससे हाड़मास कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है। दिनभर लोगों को घरों में दुबकने को मजबूर होना पड़ा। बर्फवारी से किसानों और पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिल गये हैं।