कारगिल युद्ध के दौरान मित्र राष्ट्रों ने भी उठाया फायदा, भारत को बेचा 30 साल पुराना बारूदः वीपी मलिक

  


नई दिल्ली (स्वतंत्र प्रयाग): पूर्व आर्मी चीफ जनरल वीपी मलिक ने कारगिल युद्ध को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि हमारी जरूरत के समय कई देशों ने भारत को पुराने गोला-बारूद की सप्लाई की थी। एक देश ने तो सैटेलाइट इमेज देने के बदले मोटी रकम ले ली, लेकिन उसने 3 साल पुरानी सैटेलाइट इमेज दे दी, जो हमारे किसी काम की नहीं थी।


बता दें कि पूर्व आर्मी चीफ जनरल वीपी मलिक ने करगिल युद्ध के समय सेना की अगुवाई की थी। उन्हीं के नेतृत्व में सेना ने करगिल से पाकिस्तानी घुसपैठियों का सफाया किया था। वीपी मलिक ने कहा कि उस दौरान हमने जहां कहीं से भी हथियार या गोला बारूद खरीदने की कोशिश की, सभी कंपनियों ने चाहे वो हमारे मित्र देश के हों या फिर किसी और देश के उन्होंने हमारा फायदा उठाने की कोशिश की। 


उन्होंने कहा कि भारत ने दक्षिण अफ्रीका से डेनेल गन खरीदने की कोशिश की। पहले तो उन्होंने कहा कि वे हथियार देने के लिए तैयार हैं. लेकिन बाद में जब उनसे डिलीवरी मांगी गई तो उन्होंने कहा कि उनके पास नये हथियार नहीं हैं और वे भारत को पुराने हथियार ही सप्लाई करेंगे।एक और उदाहरण देते हुए उन्होंने कि हमारे पास गोला बारूद नहीं थे।


हम एक जाने-पहचाने देश के पास गए, उन्होंने हमें जो गोला-बारूद दिया वे 70 के दशक के बने थे। उन्होंने जो गोला-बारूद सप्लाई किया, उसमें आधे गोले-बारूद ऐसे ही थे, हालांकि, उन्होंने उस देश का नाम बनाने से इनकार किया।
चंडीगढ़ में आयोजित "मेक इन इंडिया एंड नेशन्स सिक्युरिटी" कार्यक्रम में पूर्व आर्मी चीफ वीपी मलिक ने बताया कि करगिल युद्ध के दौरान एक अहम सबक जो हमने सीखा वो ये था।


कि रक्षा के क्षेत्र में 'मेक इन इंडिया' और देश को आत्म निर्भर बनाना बहुत जरूरी है। वीपी मलिक ने कहा कि जबतक रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर नहीं बनते हैं, हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में रहेगी।वीपी मलिक ने कहा कि इन वाकयों को देखते हुए करगिल युद्ध के तुरंत बाद मैने कहा था।


कि सेना को किसी भी हालत में विदेशी सैन्य मदद के सहारे नहीं रहना चाहिए। वीपी मलिक ने डिफेंस सेक्टर में निजी क्षेत्र के खिलाड़ियों को भी जगह देने की पैरवी की। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की कंपनियां आएंगी तो रक्षा क्षेत्र का तेजी से विकास होगा।