शुक्रवार, 6 दिसंबर 2019

जन संरक्षण हेतु हरियाणा में सभी तालाबों का पुनरोद्धार किया जाएगा : खट्टर


चंडीगढ़ (स्वतंत्रप्रयाग): हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि प्रदेश में ऐसे सभी तालाबों का पुनरोद्धार किया जाएगा जो राजस्व रिकार्ड में मौजूद हैं। इनमें प्रथम चरण में महाग्राम योजना में शामिल गांवों के तालाबों, धार्मिक आस्था से जुड़े और ऐतिहासिक महत्व रखने वाले लगभग 200 तालाबों का पुनरोद्धार किया जाएगा।


खट्टर ने आज यहां एक उच्च स्तरीय बैठक में कहा कि राज्य में करीब 16,000 तालाबों का अगले दस वर्षो में पुनरोद्धार किया जाएगा जिनका पानी खराब हो चुका है या जो जीर्ण स्थिति में है। इनमें प्रथम चरण में एक साल में 1800 तालाबों का जीर्णोद्धार होगा। 


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मकसद सर्वप्रथम लोगों के घरों में नल के माध्यम से पेयजल पहुंचाना, फिर रसोई और घर के प्रयोग हो चुके पानी को तालाब में डालकर उसको स्वच्छ करना है ताकि वह पशुओं के पीने के काम आ सके। उन्होंने कहा कि इसके बाद अतिरिक्त पानी को सूक्ष्म सिंचाई के माध्यम से फसलों को सिंचित करने के काम लाना है।


उन्होंने अधिकारियों को बड़े तालाबों के पानी की निकासी के लिए कृषि क्षेत्रों की पहचान करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण, शहरी स्थानीय निकाय, सिंचाई तथा विकास एवं पंचायत विभाग मिलकर इन तालाबों का सुधार करेंगे।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव वी. उमाशंकर, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह, विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव सुधीर राजपाल, मुख्यमंत्री की उपप्रधान सचिव आशिमा बराड़, हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष प्रभाकर कुमार वर्मा तथा सदस्य सचिव श्री सुजाना राम समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


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