जालंधर में मनाया गया सशस्त्र सेना ध्वज दिवस

 



जालंधर (स्वतंत्र प्रयाग) - जालंधर में सशस्त्र सेना ध्वज दिवस मनाया गया. इस अवसर पर जिलाधीश वरिंदर कुमार शर्मा ने समाज के हर वर्ग  को सेना ध्वज दिवस में खुल कर दान देने  के लिए प्रेरित किया। श्री शर्मा ने  समाज के हर वर्ग के लोगों को न्योता दिया  कि वह देश की ख़ातिर बलिदान देने वाले बहादुर सैनिकों के परिवारों के कल्याण हेतु आगे आयें योंकि उनकी तरफ से दिये बलिदानों के कारण ही आज हम अपने घरों में सुरक्षित हैं।


आज यहाँ जिला  सैनिक कल्याण  कार्यालय मे आयोजित किये गए एक समारोह में आयोजित किये गए एक समारोह में उन्होंने कहा कि हमें देश के शहीदों के बलिदानों पर गर्व होना चाहिए। उन्होने कहा कि अलग-अलग हथियारबंद सेनाओं, अर्ध सैनिक बलों के जवान देश की रक्षा के लिए सीमा क्षेत्रों, जंगलों, बफऱ्ीले तूफ़ानों वाले क्षेत्रों और रेगिस्तान में भी पूरी लगन से ड्यूटी निभा रहे हैं, जिस कारण पूरा देश बाहरी हमलों से पूरी तरह सुरक्षित है।


उन्होने लोगों को न्योता दिया कि वह &लैग डेय के अवसर पर अधिक से अधिक दान करें जिससे सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण में अपना योगदान पाया जा सके। इस अवसर पर समागम की शुरुआत शहीद शैनिकों को दो मिनट का मौन धारन करके की गई और टोकन &लैग लगाने की रस्म कार्यालय डिप्टी कमिशनर में डिप्टी कमिशनर जालन्धर के कालर पर लैग लगा कर की गई।



मेजर यशपाल सिंह जिला सुरक्षा सेवाओं कल्याण अधिकारी ने फ्लैग डे के इतिहास के बारे में जानकारी दी और बताया कि आज़ादी से पहले यह दिन पोपी डेय के नाम से जाना जाता था। उन्होने  कहा कि इस अवसर पर  शहीदों की याद को ताज़ा करने के लिए छोटे -छोटे पेपरों की स्लिपें काटकर आम लोगों में बाँटीं जातीं थीं, जिसके बदले लोग दान देते थे जोकि शहीदों के परिवारों, अपंग सैनिकों के कल्याण हेतु उपयोग की जाती थी


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