शनिवार, 7 दिसंबर 2019

हैदराबाद रेप केश में पुलिस ने जघन्य से जधन्यतम अपराध को दिया अंजाम, फिर भी पीठ थपथपा रहे अधिकारी 

 


 



 


तेलंगाना (स्वतंत्रप्रयाग) हैदराबाद घटना की रात और हत्या के मामले में शुक्रवार को एनकाउंटर के बाद अपनी पीठ थपथपा रही पुलिस पहले ही इस मामले में खुद पर दाग लगा चुकी है,महिला वेटनरी डॉक्टर से गैंगरेप के बाद हत्या  और फिर लाश को जला देने की घटना में एक बार फिर नाटकीय मोड़ आ गया जब पुलिस ने शुक्रवार तड़के चारों आरोपियों का एनकाउंटर कर दिया। पुलिस कमिश्नर साइबराबाद वीसी सज्जनार ने बताया कि जब पुलिस सीन रिक्रिएट करने के लिए गई थी तभी आरोपी हथियार छीनकर भागने लगे और पत्थरबाजी भी की इस दौरान हुई गोलीबारी में वह मारे गये।हाालंकि इसी मामले में कुछ दिनों पहले पुलिस का शर्मनाक चेहरा सामने आया था।


 


वहीं महिला वेटनरी डॉक्टर के परिवार वालों को न केवल एक थाने से दूसरे थाने के चक्कर लगाने को मजबूर किया गया, वहीं महिला वेटनरी डॉक्टर का चरित्र हनन कर उसके पिता को बेइज्जत किया गया था। पुलिस ने परिजनों पर आरोप लगाया था कि और  उनसे कहा, 'उनकी बेटी किसी के साथ भाग गई होगी।  




महिला वेटनरी डॉक्टर के परिजनों ने बताया था कि उन्होंने पुलिस वालों के सामने गुहार लगाई कि वह बेटी को ढूंढने के लिए कम से कम टोल प्लाजा तक तो चलें लेकिन पुलिस वालों ने परिजनों की बात को काफी हल्के में लिया और उन्हें वहां से जाने के लिए कहा महिला डॉक्टर की बहन ने बताया कि बुधवार रात उन्हें इस बात का अंदाजा लग गया था कि वह खतरे में है। उसने बहन को फोन भी किया लेकिन कुछ देर बाद ही उसका फोन स्विच ऑफ हो गया ।
महिला वेटनरी डॉक्टर जब 10:30 तक घर नहीं पहुंची तो बहन ने पिता को फोन किया बहन और उसके पिता शिकायत लेकर थाने पहुंचे। महिला डॉक्टर की बहन ने आरोप लगाया है जब वह थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे तो उन्हें वहां से शनशाबाद थाने जाने को कहा गया। पुलिस ने कहा कि यह मामला उनके क्षेत्र में नहीं आता।


परिजनों ने आरोप लगाया था कि किसी ने भी उन्हें ढंग से जवाब नहीं दिया. परिजनों ने बताया कि महिला डॉक्टर के पिता पुलिसकर्मियों के सामने गिड़गिड़ाते रहे कि बेटी को ढूंढने के लिए कोई उचित कार्रवाई करें लेकिन पुलिस टालती रही। सुबह 3 बजे तक यही चलता रहा  इसके बाद महिला डॉक्टर को ढूंढने के लिए पिता के साथ दो कांस्टेबल भेजे गए, लेकिन उनके हाथ कुछ भी नहीं लगा। वहीं पर टोलप्लाजा पर कोई लाइट या सीसीटीवी की व्यवस्थाएं नहीं थी 


परिजनों का आरोप है कि समय रहते पुलिस ने कार्रवाई की होती तो उनकी बेटी को बचाया जा सकता था। गुरुवार सुबह पुलिस ने महिला वेटनरी डॉक्टर के परिवार को फोनकर चेतनपल्ली अंडरपास पर बुलाया जहां उन्हें अपनी बेटी का जला हुआ शरीर मिला।


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