शनिवार, 28 दिसंबर 2019

दिल्ली में टूटा 118 साल का रिकॉर्ड, तापमान 2.4 तक लुढ़का



नई दिल्ली (स्वतंत्र प्रयाग): उत्तर भारत में ठंड का कहर बढ़ता ही जा रहा है। पहाड़ी राज्यों की तुलना में इस बार राजधानी दिल्ली में भी भयानक ठंड पड़ रही है। शनिवार सुबह दिल्ली में पारा 2.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। वहीं लोधी रोड (1.7), आया नगर (1.9) पर तो तापमान और कम था। मौसम विभाग के अनुसार अभी और तापमान गिरने की संभावना है।


मौसम विभाग की माने तो 1901 के बाद (118 साल) में ये दूसरा दिसंबर है जब दिल्ली में इतनी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से सात डिग्री कम है। बताया जा रहा है कि हिमालय क्षेत्र (पहाड़ी क्षेत्रों) में लगातार हो रही बर्फबारी और तेज हवाओं के चलते मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ गई है।दिल्ली में ठिठुराती ठंड, शीत लहर का प्रहार प्रचंड...तापमान 2.4 तक लुढ़का।



वायु की धीमी गति, उच्च आर्द्रता स्तर और ठंडे मौसम के कारण शहर में शाम चार बजे वायु गुणवत्ता 'अत्यंत खराब' (373) की श्रेणी में दर्ज की गयी। मौसम विभाग के मुताबिक इस साल दिसंबर का महीना 1901 के बाद से दूसरा सबसे ठंडा महीना रहने की उम्मीद है। शहर में वर्ष 1997 के बाद पहली बार लोग दिसंबर में इतनी ठंड का सामना कर रहे हैं। कमोबेश समूचे उत्तर भारत में अभी ठंड का सितम जारी रहेगा।


ठंड ने तोड़ा 118 साल का रिकॉर्ड, दिल्ली में 1.7 डिग्री पहुंचा तापमान, न्यू ईयर पर बारिश का अनुमानवहीं ठंड का असर यातायात पर भी। ट्रेन लेट हैं और फ्लाइट्स का रूट डायवर्ट किया गया। इससे पहले दिल्ली की ठंड सबसे लंबी शीतलहर के रेकॉर्ड को तोड़ चुकी है।इस बार लगातार 14 दिनों से शीतलहर जारी है। पूर्वानुमान के मुताबिक, अभी 3 दिन और इसका प्रकोप बना रहेगा।


आज से पहले शुक्रवार सीजन की सबसे ठंडी सुबह थी। दिल्ली (सफदरजंग) और पालम का न्यूनतम तापमान महज 4.2 डिग्री सेल्सियस रहा। आया नगर का न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस रहा।


यमुना नदी में नाव पर बैठा शख्स बता दें कि इससे पहले 11 जनवरी 1967 को न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। दिल्ली के पालम में विजिबिलिटी शून्य रही। जबकि सफदरजंग में विजिबिलिटी 800 मीटर रही। ट्रेनों की आवाजाही पर भी इसका असर देखने को मिला है।


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