CRPF के हर जवानों को भी अब मिलना चाहिए 100 दिन की छुट्टीयां :अमित शाह


 
 



नई दिल्ली(स्वतंत्र प्रयाग) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि गृह मंत्री बनने के बाद मैं सीआरपीएफ को करीबी से देख रहा हूं। सीआरपीएफ दुनिया का सबसे बड़ा सशस्त्र बल तो है ही, साथ ही दुनिया का सबसे बहादुर सशस्त्र बल भी है। इसके इतिहास को खंगाले तो इसकी कई गाथाएं बताई जा सकती हैं।


नई दिल्ली में सीआरपीएफ मुख्यालय की आधारशिला रखते हुए शाह ने कहा कि ढेर सारे अभियानों और ढेर सारी मुहिमों में CRPF के 2,184 जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान मां भारती की सुरक्षा और सम्मान के लिए दिया है।


उन्होंने कहा कि 21 अक्तूबर 1959 को सीआरपीएफ के सिर्फ 10 जांबाजों ने ऑटोमेटिक हथियारों से लैस चीन की टुकड़ी का सामना किया और अपनी आहुति दी। इसलिए 21 अक्तूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।


शाह ने कहा कि 80 से 90 का दशक इस देश के अंदर अनेक प्रकार की विपदाएं लेकर आया, चाहे त्रिपुरा हो या पंजाब, हमारे देश के लोगों को ही गुमराह करके पड़ोसी देश ने आतंकवाद को हमारे देश में फ़ैलाने का काम किया मुझे कहने में कोई झिझक नहीं है कि आज इन दोनों राज्यों से आतंकवाद का पूर्ण रूप से सफाया किया जा चुका है, इसमें CRPF का बहुत अहम योगदान है।


रक्त को जमा देनी वाली ठंड में, अनिश्चितताओं के बीच जब हमारे जवान आतंकवाद का सामना कर रहे होते थे तो उन्हें कोई पदक का लालच या ड्यूटी की मजबूरी, ऐसा करने के लिए विवश नहीं करती। सिर्फ भारत माता के प्रति प्रेम और समर्पण का भाव उन्हें इसके लिए प्रेरित करता है।


सभी सुविधाओं से लैस मुख्यालय जब CRPF को मिलेगा, तो मुझे पूरा यकीन है कि आपकी क्षमता, आपकी सुसज्जता और आपकी सजगता , मुस्तैदी तीनों में ढेर सारी बढ़ोतरी होगी। जो आपको ड्यूटी परफॉर्म करने में मददगार साबित होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने सशस्त्र बलों के जवानों के लिए एक सूत्र अपनाया है कि आप देश की सुरक्षा कीजिए, आपके परिवार की चिंता और सुरक्षा हम करेंगे।


सीआरपीएफ जवानों को ड्यूटी के दौरान हवाई यात्रा की जो अनुमति दी गई है, उससे उनका मनोबल जरूर बढ़ा है। हमने तय किया है हर सशस्त्र बल का हर जवान साल में 100 दिन अपने परिवार के साथ बिता सके, ताकि वो सामाजिक जिम्मेदारियों का भी निर्वहन कर सके।


इसके लिए हम रणनीति बना रहा हैं। हमने तय किया है जवानों के साथ-साथ उसके मां-बाप, पत्नी और बच्चों को भी स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा दी जाए। हर जवान को ऐसा हेल्थ कार्ड देने की योजना पर काम चल रहा है। गृह मंत्रालय एम्स के साथ मिलकर इस पर काम कर रहा है।
देश में किसी भी प्रकार के दंगे हुए हो तो उन्हें भी CRPF नियंत्रित करती है।


नक्सल प्रभावित क्षेत्र हो, जहां आदिवासी तबके को विकास से महरूम रख कर, सरकार के खिलाफ उन्हें गुमराह करने का प्रयास चल रहा है तो वहां भी CRPF ही उनका सामना करती है।मुस्तैदी


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