शनिवार, 7 दिसंबर 2019

भारतीय सेना को मिले 306 नए अफसर, IMA POP में रक्षा मंत्री ने ली सलामी 

 




नई दिल्ली (स्वतंत्रप्रयाग) - भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) देहरादून से 306 जेंटलमैन कैडेट्स अंतिम पग पार कर भारतीय सेना के अफसर बने। आज भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बतौर रिव्यूइंग अफसर पहुंचे और परेड की सलामी ली। इस दौरान उन्होंने एक बड़ी घोषणा की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आईएमए से गुजर रहे एनएच 72 पर सुरक्षा कारणों से ट्रैफिक जाम की अक्सर समस्या आती है। इस समस्या के निस्तारण के लिए यहां दो टनल पास बनाये जाएंगे। इसके लिए रक्षा मंत्रालय 32.33 करोड़ रुपये मुहैया कराएगा। उन्होंने कहा कि इससे दूनवासियों को ही नहीं हरियाणा और हिमाचल जाने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आईएमए के तीनों कैंपस को जोड़ने के लिए दो अंडर पास बनेंगे। भारतीय सैन्य अकादमी में पासिंग आउट परेड के बाद आज 306 कैडेट बतौर अफसर भारतीय सेना का हिस्सा बन गए। साथ ही मित्र देशों के 71 कैडेट भी पास आउट होकर अपने-अपने  देशों की फौज का हिस्सा बने। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बतौर रिव्यूइंग अफसर परेड की सलामी ली। पीओपी में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी पहुंचे।  



 डिप्टी कमांडेंट मेजर जनरल गुलाब सिंह रावत और कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल एसके झा ने पहले परेड की सलामी ली। इस दौरान देशभक्ति गीतों पर इन वीरों की कदम ताल देखते ही बन रही थी। इस दौरान इन भावी अफसरों के परिजन भी मौजूद रहे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कैडेटों को ओवरऑल बेस्ट परफॉर्मेंस व अन्य उत्कृष्ट सम्मान से नवाजा। विनय विलास को स्वार्ड ऑफ ऑनर व स्वर्ण पदक दिया गया। पीकेंद्र सिंह को रजत और ध्रुव मेहला को कांस्य पदक दिया गया। शिवराज सिंह को सिल्वर मेडल (टीजी) मिला। भूटान के कुएंजांग वांगचुक सर्वश्रेष्ठ विदेशी कैडेट चुने गए। चीफ ऑफ आर्मी स्टॉफ बैनर केरन कंपनी को मिला। सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश के 56 कैडेट्स बने अफसर
उत्तराखंड से 19, उत्तर प्रदेश से 56, आंध्रप्रदेश से 6, अंडमान निकोबार से 1, असम से 2 बिहार से 24, चंडीगढ़ से चार, दिल्ली से 16, गुजरात से चार, हरियाणा से 39, हिमाचल प्रदेश से 18, जम्मू कश्मीर से 6, झारखंड से 4, कर्नाटक से 7, केरल से 10, मध्यप्रदेश से 10, महाराष्ट्र से 19, मणिपुर से, मिजोरम और ओडिशा से 1-1, पंजाब से 11, राजस्थान 21, सिक्किम से 1, तमिलनाडू से 9, तेलंगना से 5, पश्चिम बंगाल से 6 कैडेट्स पास आउस होकर भारतीय सेना के अफसर बने।


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